Jharkhand News: कांग्रेस में वापसी के कुछ ही दिनों बाद झारखंड के नेता अभिलाष साहू की संगठन में नई जिम्मेदारी फिलहाल रोक दी गई है. AICC ने उनकी बहाली और प्रदेश कांग्रेस कमेटी में उपाध्यक्ष बनाए जाने से जुड़े पुराने अनुशासनात्मक मामले की दोबारा समीक्षा शुरू कर दी है. जब तक इस मामले में आगे का फैसला नहीं हो जाता, तब तक अभिलाष साहू प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष के तौर पर संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
झारखंड कांग्रेस प्रभारी और CWC के स्थायी आमंत्रित सदस्य के. राजू ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को पत्र भेजा है. इसमें अभिलाष साहू की बहाली से जुड़े पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. AICC ने कांग्रेस की अनुशासन समिति से भी इस मामले में जानकारी मांगी है, ताकि पुराने प्रकरण और बहाली के फैसले से जुड़े तथ्यों की समीक्षा की जा सके.
वीडियो और बयानों को लेकर मांगी जानकारी
अनुशासन समिति से मांगी गई रिपोर्ट में कथित वीडियो तैयार करने और उसे सार्वजनिक किए जाने में अभिलाष साहू की भूमिका से जुड़ी जानकारी शामिल करने को कहा गया है. इसके अलावा अनुशासन समिति के सामने उनके द्वारा दिए गए जवाब और सार्वजनिक मंचों पर दिए गए बयानों का भी ब्यौरा मांगा गया है.
सार्वजनिक आचरण पर भी होगी समीक्षा
AICC ने रिपोर्ट में अभिलाष साहू के सार्वजनिक आचरण से जुड़े तथ्यों को भी शामिल करने को कहा है. इसके साथ ही कांग्रेस के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से संबंधित जानकारी भी मांगी गई है. यह पूरी प्रक्रिया उनकी कांग्रेस में बहाली और संगठनात्मक जिम्मेदारी से जुड़े पुराने मामले की समीक्षा के तहत हो रही है.
रिपोर्ट आने के बाद होगा अंतिम फैसला
14 सितंबर 2026 को अभिलाष साहू की कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता बहाल करने के साथ उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी का उपाध्यक्ष बनाए जाने की अधिसूचना जारी हुई थी. इसके बाद AICC ने इस फैसले से जुड़े अनुशासनात्मक मामले की दोबारा समीक्षा शुरू की. AICC के अनुसार, अनुशासन समिति की रिपोर्ट मिलने और उसकी समीक्षा के बाद ही अभिलाष साहू की संगठन में जिम्मेदारी को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा. तब तक उपाध्यक्ष पद की उनकी जिम्मेदारी स्थगित रहेगी.