Tata Sons Chairman: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को लेकर गुरुवार को बड़ा फैसला हुआ. कंपनी के बोर्ड ने उन्हें एक और पांच साल का कार्यकाल देने को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही चंद्रशेखरन का कार्यकाल फरवरी 2032 तक बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है. हालांकि, इस फैसले पर अभी अंतिम मुहर लगना बाकी है. इसे कंपनी की वार्षिक आम बैठक यानी AGM में मंजूरी मिलनी होगी.
नोएल टाटा ने प्रस्ताव का किया विरोध
बोर्ड बैठक में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के दोबारा चेयरमैन बनाए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया. वहीं, बोर्ड के अन्य सदस्यों ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल को आगे बढ़ाने का समर्थन किया. बोर्ड की मंजूरी के बाद अब यह मामला शेयरधारकों की मंजूरी के लिए जाएगा. टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस में करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है. ऐसे में AGM में उसकी भूमिका अहम होगी.
पहले कार्यकाल बढ़ाने से कर चुके थे इनकार
खास बात यह है कि चंद्रशेखरन ने अगस्त में कहा था कि वे फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद आगे पद पर बने नहीं रहना चाहते. अब बोर्ड के आग्रह और नए फैसले के बाद उनकी दोबारा नियुक्ति का प्रस्ताव सामने आया है. इससे टाटा संस में नेतृत्व को लेकर पहले से चल रही चर्चा फिर तेज हो गई है.
2032 तक जारी रह सकता है कार्यकाल
बोर्ड के प्रस्ताव के मुताबिक चंद्रशेखरन को 2027 से 2032 तक पांच साल का नया कार्यकाल दिया जाएगा. टाटा समूह में आम तौर पर एग्जीक्यूटिव पदों के लिए 65 साल की सेवानिवृत्ति नीति रही है, जबकि नॉन-एग्जीक्यूटिव पदों पर 70 साल तक बने रहने की व्यवस्था बताई जाती है. चंद्रशेखरन का तीसरा कार्यकाल 2032 तक जाने पर वे 70 वर्ष के करीब होंगे.
टाटा संस की लिस्टिंग को भी मंजूरी
गुरुवार की बैठक में टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भी फैसला लिया गया. यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक की नियामकीय स्थिति के बाद आया है. बोर्ड ने लिस्टिंग से जुड़ी प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति दी है. इस प्रस्ताव को भी आगे शेयरधारकों की मंजूरी की जरूरत होगी. अब चंद्रशेखरन के नए कार्यकाल और टाटा संस की लिस्टिंग, दोनों मुद्दों पर आगे की प्रक्रिया AGM की मंजूरी के बाद तय होगी.