Seraikela News: सरायकेला के भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम परिसर में दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रतिमा लगाने के प्रस्ताव को लेकर विरोध शुरू हो गया है. स्थानीय लोगों और आदिवासी समाज के लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पुनर्विचार की मांग की है. इस संबंध में चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया है.
बिरसा मुंडा की पहचान से जुड़ा है स्टेडियम
आदिवासी भूमिज-मुंडा समाज समेत अन्य लोगों का कहना है कि भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम सिर्फ खेल का मैदान नहीं है. यह धरती आबा बिरसा मुंडा के संघर्ष, बलिदान और आदिवासी अस्मिता से जुड़ा स्थल है. इसलिए यहां किसी अन्य महापुरुष की प्रतिमा लगाने से पहले स्थानीय लोगों और आदिवासी संगठनों की राय ली जानी चाहिए.
सिद्धू-कान्हू पार्क का भी दिया उदाहरण
ज्ञापन में सरायकेला में भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर प्रस्तावित उद्यान का नाम बदले जाने का भी जिक्र किया गया है. आवेदकों के अनुसार, पहले इस उद्यान का शिलान्यास भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर किया गया था. बाद में इसका नाम बदलकर सिद्धू-कान्हू पार्क कर दिया गया. इस बदलाव को लेकर स्थानीय लोगों में पहले से नाराजगी होने का दावा किया गया है. अब स्टेडियम परिसर में दूसरी प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव सामने आने से यह नाराजगी और बढ़ सकती है.
स्टेडियम में बिरसा मुंडा की प्रतिमा की मांग
विभिन्न संगठनों के नेताओं ने कहा कि स्टेडियम का नाम और उसकी ऐतिहासिक पहचान बरकरार रखी जानी चाहिए. उनकी मांग है कि परिसर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा या स्मारक स्थापित किया जाए. वहीं, यदि शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया है तो सरायकेला में उनके सम्मान के अनुरूप किसी दूसरे उपयुक्त सार्वजनिक स्थल का चयन किया जाए.
नाम बदलने से पहले हो जन संवाद
ज्ञापन के जरिए यह भी मांग की गई है कि भगवान बिरसा मुंडा से जुड़े किसी भी स्थल के नाम में बदलाव करने से पहले स्थानीय जनता और आदिवासी संगठनों से बातचीत की जाए. आवेदकों ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है. उनका कहना है कि फैसला ऐसा होना चाहिए, जिससे सभी महापुरुषों का सम्मान बना रहे और किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत न हों.