Seraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले में कार्यपालक दंडाधिकारी के सभी 9 पद लंबे समय से खाली हैं. जिला मुख्यालय के साथ सरायकेला और चांडिल अनुमंडल में भी कोई कार्यपालक दंडाधिकारी पदस्थापित नहीं है. इसका असर आम लोगों के जरूरी कामों पर पड़ रहा है. शपथ-पत्र बनवाने से लेकर अनुमंडल न्यायालय और जांच से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं.
60-70 किलोमीटर दूर से पहुंचते हैं ग्रामीण
झारखंड लीगल एडवाईजरी एंड डेवलपमेंट आर्गनाईजेशन (JLAADO) के अध्यक्ष ओम प्रकाश ने इस मामले को लेकर सरकार को पत्र लिखा है. उन्होंने मुख्य सचिव और कार्मिक, प्रशासनिक सुधार विभाग के प्रधान सचिव से सभी खाली पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग की है. पत्र में कहा गया है कि सरायकेला-खरसावां अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र है. जिले के कई ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए जिला मुख्यालय या अनुमंडल कार्यालय तक 60-70 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है.
शपथ-पत्र के लिए हो रही परेशानी
नौकरी, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र समेत कई कामों में कार्यपालक दंडाधिकारी से शपथ-पत्र की जरूरत पड़ती है. लेकिन जिले और दोनों अनुमंडलों में एक भी कार्यपालक दंडाधिकारी नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है. JLAADO के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर फिलहाल अनुमंडल पदाधिकारी शपथ-पत्र पर हस्ताक्षर कर रहे हैं. हालांकि, कई विभागों के तय फॉर्मेट में कार्यपालक दंडाधिकारी से ही शपथ-पत्र मांगा जाता है.
SIR के बीच बढ़ी मुश्किल
संगठन का कहना है कि अभी S.I.R. का काम भी चल रहा है. ऐसे समय में कार्यपालक दंडाधिकारी की अनुपलब्धता से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है. JLAADO ने सरकार से जनहित में सभी 9 रिक्त पदों पर अविलंब कार्यपालक दंडाधिकारियों की पदस्थापना करने की मांग की है. संगठन का कहना है कि इससे आम लोगों को जरूरी सरकारी काम कराने में राहत मिलेगी.