National News: शुक्रवार 11 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत के साथ ही तेज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स-निफ्टी इंडेक्स 700 अंक तक टूट गया, जबकि कई प्रमुख शेयरों में करीब 3 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार के कई सेक्टर रेड जोन में कारोबार करते नजर आए।
बीएसई का मार्केट कैप 483 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 478 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। यानी शुरुआती कारोबार में निवेशकों की संपत्ति में करीब 5 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। बीएसई के टॉप 30 शेयरों में सिर्फ 8 शेयर मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि 22 शेयरों में गिरावट रही।
बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा स्टील में 2 फीसदी से ज्यादा गिरावट
बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा स्टील के शेयरों में 2 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं एलटी, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस जैसे हैवीवेट शेयर भी दबाव में रहे।
कच्चे तेल की कीमत बढ़ना बाजार के लिए बड़ी चिंता
जानकारों के मुताबिक भारतीय शेयर बाजार के लिए मौजूदा समय में सबसे बड़ी चिंताओं में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमत शामिल है। ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। यमन स्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच संघर्ष तेज होने से मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
अगर कच्चा तेल लंबे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहता है तो भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इससे देश का आयात बिल बढ़ेगा और विदेशी मुद्रा भंडार पर भी असर पड़ सकता है।