Palamu News: पलामू में बालू की कमी से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है. जिला खनन विभाग ने 18 बालू घाटों की नीलामी की तैयारी पूरी कर ली है. इन घाटों को कैटेगरी 2 में रखा गया है. इनकी नीलामी के लिए विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी है. यह प्रक्रिया अमानत, सोन और उत्तरी कोयल नदी के किनारे मौजूद घाटों के लिए होगी.
11 इलाकों के 18 मौजा शामिल
नीलामी में जिले के 11 इलाकों के 18 मौजा शामिल हैं. इनमें तरहसी, पांकी, हैदरनगर, मोहम्मदगंज और पाटन शामिल हैं. इसके अलावा विश्रामपुर, लेस्लीगंज, हुसैनाबाद, मेदिनीनगर, पांडू और चैनपुर के घाट भी सूची में हैं. खनन विभाग ने इन घाटों को जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट और बालू के दोबारा जमा होने की रिपोर्ट के आधार पर चुना है.
सितंबर में पूरी होगी नीलामी प्रक्रिया
इच्छुक कारोबारी निविदा प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं. अग्रधन राशि और जरूरी कागजात 11 सितंबर से जमा किए जाएंगे. इसे जमा करने की आखिरी तारीख 25 सितंबर दोपहर 2 बजे तक है. तकनीकी और वित्तीय बिड 26 सितंबर को दोपहर 2 बजे खोली जाएगी. 28 सितंबर को जिला स्तरीय समिति दस्तावेजों और बोलियों का मूल्यांकन करेगी.
इसके बाद 30 सितंबर को ई नीलामी होगी.
ई नीलामी सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी. कांके कला घाट से जल्द मिल सकती है बालू पलामू में कैटेगरी 2 के कुल 19 बालू घाट चिह्नित किए गए हैं. इनमें पाटन प्रखंड का कांके कला घाट भी शामिल है. करीब 4.08 हेक्टेयर में फैले इस घाट की नीलामी पहले ही हो चुकी है.
इसे पर्यावरणीय मंजूरी भी मिल चुकी है. अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से NOC और संचालन की अनुमति मिलना बाकी है. इसके बाद यहां से नियमित बालू उठाव शुरू हो सकेगा.
बालू संकट तुरंत खत्म होना मुश्किल
18 घाटों की नीलामी पूरी होने के बाद भी वहां से तुरंत बालू उठाव शुरू नहीं होगा. इसके लिए कई पर्यावरणीय और प्रशासनिक मंजूरियां जरूरी हैं. राज्य में बालू खनन को लेकर पर्यावरणीय नियम लागू हैं. मानसून के बाद नदी में जमा हुई बालू की मात्रा का भी आकलन किया जाता है. इसी रिपोर्ट के आधार पर खनन की सीमा तय होती है. पाटन के कांके कला घाट से अगले महीने बालू की सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है. इससे स्थानीय स्तर पर बालू की कमी कुछ कम हो सकती है.
हालांकि बाकी 18 घाटों को चालू होने में समय लगेगा. नीलामी 30 सितंबर तक पूरी होने के बाद भी सभी जरूरी मंजूरियां लेने में कम से कम छह महीने लग सकते हैं. फिलहाल लोगों और निर्माण कारोबारियों की नजर अब इन घाटों से बालू उठाव शुरू होने पर है.