Jharkhand News: झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने जा रहे हैं. झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है. यह फैसला धुर्वा स्थित भारतीय मजदूर संघ कार्यालय में हुई बैठक में लिया गया. बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने की. कर्मचारियों का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं. उनका आरोप है कि अधिकारियों के निर्देश के बाद भी कई जिलों में एम्बुलेंस सेवा को जिला स्तर पर शुरू नहीं किया गया है.
NHM के आदेश पर भी नहीं हुआ अमल
संघ के मुताबिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी NHM के प्रबंध निदेशक कार्यालय से सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिए गए थे. इन निर्देशों में जिला स्तर पर 108 एम्बुलेंस सेवा की कमान संभालने की बात कही गई थी. साथ ही कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया था. संघ का आरोप है कि कई जिलों में अब तक इन निर्देशों को लागू नहीं किया गया है.
कर्मचारियों की चार बड़ी मांगें
कर्मचारी संघ ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं. मौजूदा 108 एम्बुलेंस सेवा के टेंडर को तुरंत रद्द करने की मांग की गई है. संघ चाहता है कि सिविल सर्जन के जरिए जिला स्तर पर एम्बुलेंस सेवा चलाई जाए. निजी कंपनी से हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा नौकरी देने की भी मांग है. इसके अलावा सभी कर्मचारियों को कानूनी श्रमिक अधिकार और जरूरी सुविधाएं देने की मांग की गई है.
10 सितंबर से शुरू होगा आंदोलन
संघ के तय कार्यक्रम के अनुसार 10 से 12 सितंबर तक राज्य के अलग अलग जिलों से मुख्यमंत्री और सरकार के नाम ज्ञापन भेजे जाएंगे. इसके बाद 14 से 19 सितंबर तक कर्मचारी ड्यूटी के दौरान काला बिल्ला लगाकर विरोध जताएंगे. 19 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों में कैंडल मार्च निकाला जाएगा. 21 सितंबर को सिविल सर्जन कार्यालयों के बाहर भिक्षाटन कार्यक्रम होगा. 23 सितंबर को उपायुक्त और सिविल सर्जन कार्यालय के सामने बड़ा धरना प्रदर्शन किया जाएगा.
25 सितंबर को पूरे राज्य में हड़ताल
कर्मचारी संघ ने 25 सितंबर को पूरे झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा की एक दिन की पूर्ण हड़ताल का ऐलान किया है. इस दिन कर्मचारी नामकुम स्थित NHM कार्यालय के सामने भी प्रदर्शन करेंगे. संघ का कहना है कि वह आपातकालीन सेवा को बंद नहीं करना चाहता. लेकिन लगातार बातचीत के बाद भी मांगों का समाधान नहीं होने से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है.
28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संघ ने सरकार को आगे की कार्रवाई की भी चेतावनी दी है. उसका कहना है कि अगर 25 सितंबर की हड़ताल के बाद 28 सितंबर तक मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो पूरे झारखंड में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी. फिलहाल संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम जारी कर दिया है. अब सरकार और प्रशासन की ओर से इस पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर कर्मचारियों की नजर है.