Jharkhand News: JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच अब फरार आरोपियों तक पहुंच गई है. पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते समेत 20 लोगों की गिरफ्तारी के बाद CID ने सात अन्य संदिग्धों की तलाश तेज कर दी है. CID की टीमें पिछले पांच दिनों से अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही हैं. हालांकि, अब तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
जांच एजेंसी के अनुसार, अगर फरार संदिग्ध खुद CID के सामने पेश नहीं होते हैं, तो अदालत से गिरफ्तारी वारंट लेने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. इसके बाद आरोपियों की संपत्ति की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी हो सकती है.
इन सात लोगों के नाम जांच में आए
CID की जांच में नामकुम के आदित्य पांडेय, टाटीसिलवे के पवन कुमार सिंह और पलामू के रविशंकर कुमार व संतोष कुमार सिंह के नाम सामने आए हैं. इसके अलावा बोकारो के सानन्द प्रकाश, हजारीबाग के लालू कुमार यादव और गिरिडीह के सौरभ कुमार पांडेय भी जांच के दायरे में हैं.
पेपर लीक और पैसे के लेन-देन की जांच
CID का दावा है कि जांच के दौरान परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक, OMR शीट में बदलाव और पैसों के लेन-देन से जुड़े सुराग मिले हैं. अभ्यर्थियों को कथित तौर पर परीक्षा पास कराने की कोशिश हुई थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है.
जांच टीम ने जब्त मोबाइल फोन और दूसरे डिजिटल सबूतों की जांच शुरू कर दी है. कॉल डिटेल और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि परीक्षा से पहले आरोपियों की अभ्यर्थियों से बातचीत कैसे हुई और उनके बीच किस तरह का संपर्क था.
नेपाल तक पहुंची जांच
CID अब रांची के अलावा आसनसोल, मुजफ्फरपुर, मांडू और दिल्ली से जुड़े संभावित ठिकानों की भी जांच कर रही है. जांच का दायरा नेपाल के काठमांडू तक पहुंचा है. CID को आरोप है कि परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को इन जगहों पर ले जाया गया और वहां उन्हें कथित तौर पर प्रश्न और उत्तर की जानकारी दी गई.
फिलहाल जांच एजेंसी डिजिटल सबूतों और आरोपियों के संपर्कों को जोड़कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है.