Gumla News: गुमला जिले के पालकोट थाना क्षेत्र के उमड़ा गांव में शनिवार को खेत में बने कुएं से सात साल की बच्ची का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृत बच्ची की पहचान सिसई गांव निवासी सोमरा उरांव की बेटी अश्रिता कुमारी के रूप में हुई है। सूचना मिलने के बाद पालकोट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।
शुक्रवार को घर पर अकेली थी बच्ची
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी की छुट्टी थी। सुबह अश्रिता ने अपनी बुआ सुकरमणि देवी के साथ नाश्ता किया था। इसके बाद सुकरमणि देवी अपने पति शिवा उरांव के साथ खेत में घास निकालने चली गईं। उस समय अश्रिता घर पर अकेली थी।
दोपहर करीब 12 बजे सुकरमणि देवी जब खेत से काम खत्म कर घर लौटीं तो अश्रिता वहां नहीं मिली। परिवार के लोगों ने पहले आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की, लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चला।
कुएं के पास मिली चप्पल, अंदर देखा तो तैर रहा था शव
शाम तक बच्ची के घर वापस नहीं आने पर परिजनों और ग्रामीणों ने खोजबीन और तेज कर दी। इसी दौरान घर से कुछ दूरी पर स्थित खेत के एक कुएं के पास बच्ची की चप्पल दिखाई दी। आशंका होने पर ग्रामीणों ने कुएं के अंदर झांककर देखा तो पानी में बच्ची का शव तैरता हुआ मिला।
घटना की जानकारी ग्रामीणों ने गांव के मुखिया नरेश उरांव को दी। मुखिया ने तत्काल पालकोट थाना पुलिस को सूचना दी।
SI प्रमोद कुमार की टीम ने शव बाहर निकलवाया
सूचना मिलते ही एसआई प्रमोद कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में बच्ची के शव को कुएं से बाहर निकलवाया गया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी।
परिजनों के मुताबिक, अश्रिता पिछले चार वर्षों से अपनी बुआ सुकरमणि देवी के घर रह रही थी। सुकरमणि देवी की अपनी कोई बेटी नहीं थी और वह अश्रिता को बेटी की तरह पाल रही थीं। बच्ची की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्ची कुएं तक कैसे पहुंची और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।