Chandil Madhukunda 3rd Line Project: दक्षिण पूर्व रेलवे (South Eastern Railway) ने रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ट्रेनों की आवाजाही को रफ्तार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. रेलवे ने चांडिल से मधुकुंडा के बीच तीसरी रेल लाइन परियोजना के निर्माण के लिए 613.997 करोड़ रुपये (लगभग 614 करोड़ रुपये) का मेगा टेंडर जारी कर दिया है.
यह परियोजना चांडिल-दामोदर तीसरी लाइन कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो जमशेदपुर (चांडिल) को सीधे असंसोल (दामोदर) रेल नेटवर्क से और अधिक मजबूती से जोड़ेगी.
614 करोड़ के प्रोजेक्ट में क्या-क्या होगा खास?
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत चांडिल-मधुकुंडा सेक्शन (आद्रा डिविजन) में व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम किया जाएगा:
सिविल एवं ट्रैक वर्क: मिट्टी का काम (Earthwork), ब्लैंकेटिंग, छोटे और बड़े पुलों का निर्माण, ब्रिज फाउंडेशन, रिटेनिंग वॉल और लेवल क्रॉसिंग वर्क शामिल हैं.
इलेक्ट्रिकल वर्क: पावर सप्लाई और ट्रैक्शन के लिए 2x25 kV ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) की स्थापना, टेस्टिंग और कमीशनिंग की जाएगी.
सिग्नलिंग एवं टेलीकॉम: इंडोर और आउटडोर S&T वर्क, कलर लाइट सिग्नलिंग, सिग्नल पोस्ट्स, रिले रैक्स, डेटा लॉगर और आधुनिक टेलीफोन/संचार अवसंरचना विकसित की जाएगी.
अन्य कार्य: यूटिलिटी शिफ्टिंग, S&T लेवल क्रॉसिंग गेट्स और अन्य विविध कार्य संपन्न किए जाएंगे.
टेंडर से जुड़ी मुख्य बातें
- टेंडर वैल्यू: 613.997 करोड़ रूपए
- टेंडर मोड: EPC (Engineering, Procurement & Construction)
- प्री-बिड कॉन्फ्रेंस: 16 सितंबर 2026 (दोपहर 12:00 बजे)
- बिडिंग की शुरुआत: 09 अक्टूबर 2026
- बिड क्लोजिंग डेट एवं टाइम: 23 अक्टूबर 2026 (दोपहर 12:00 बजे)
- प्रोजेक्ट पूरा करने की अवधि: 36 महीने (3 वर्ष)
- अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD): 12.28 करोड़ रूपए
कनेक्टिविटी और क्षमता में होगा बड़ा सुधार
चांडिल-मधुकुंडा के बीच तीसरी लाइन बनने से न केवल इस रूट पर मालगाड़ियों (DFC फीडर रूट) और पैसेंजर ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी, बल्कि ओवरऑल ट्रैक कैपेसिटी में भी जबरदस्त इजाफा होगा. रेलवे का यह कदम "स्ट्रॉन्ग, फास्टर और कनेक्टेड इंडिया" के विजन को और मजबूत करेगा.