SCO Summit 2026: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात हुई. तीनों नेताओं के बीच गर्मजोशी से अभिवादन का दृश्य सामने आया. मोदी, शी और पुतिन की एक साथ मौजूदगी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा.
मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की अहम मुलाकात
SCO Summit के दौरान पीएम मोदी ने शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मोदी और शी कुछ देर साथ चलते हुए बातचीत करते भी नजर आए. मोदी और पुतिन के बीच भी मुलाकात हुई. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की.
आतंकवाद पर भारत का कड़ा संदेश
शिखर सम्मेलन में भारत की ओर से आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट रुख रखा गया. पीएम मोदी ने आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर जोर दिया. भारत ने आतंकवाद के किसी भी रूप को समर्थन देने के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की बात रखी. SCO के एजेंडे में भी क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद से निपटना प्रमुख मुद्दों में शामिल है.
पाकिस्तान के पीएम भी रहे मौजूद
SCO सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए. मोदी और शरीफ के बीच इस दौरान कोई प्रमुख सार्वजनिक अभिवादन या बातचीत सामने नहीं आई. हालांकि, दोनों नेता एक ही सम्मेलन में मौजूद रहे.
SCO में 10 सदस्य देश
शंघाई सहयोग संगठन की शुरुआत 2001 में हुई थी. भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने. ईरान 2023 में और बेलारूस 2024 में सदस्य बना. अब SCO में कुल 10 सदस्य देश हैं. संगठन सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, व्यापार, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर काम करता है.
भारत-रूस संबंधों पर भी चर्चा
बिश्केक में पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच अलग मुलाकात भी हुई. दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की. भारत-रूस संबंधों के साथ BRICS और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई.
SCO Summit में मोदी, शी और पुतिन की मुलाकात को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब वैश्विक राजनीति में सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारियों को लेकर लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं.