Jharkhand Monsoon Report 2026: झारखंड में इस साल मानसून का प्रदर्शन कुल मिलाकर सामान्य रहा है. 1 जून से 31 अगस्त तक राज्य में औसतन 747.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इस अवधि में सामान्य बारिश 798.8 मिलीमीटर मानी जाती है. इस हिसाब से राज्य में बारिश सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम रही. मौसम के लिहाज से इसे सामान्य मानसून की श्रेणी में रखा जा रहा है.
पश्चिमी सिंहभूम में सबसे ज्यादा बारिश
मानसून के दौरान पश्चिमी सिंहभूम में बादल सबसे ज्यादा मेहरबान रहे. जिले में सामान्य बारिश 807.3 मिलीमीटर होती है, लेकिन इस बार 1224.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. यह सामान्य से 52 प्रतिशत अधिक है. यानी जिले में इस बार औसत से काफी ज्यादा पानी बरसा. लातेहार में भी मानसून का प्रदर्शन बेहतर रहा. यहां सामान्य 813.1 मिलीमीटर के मुकाबले 1009.5 मिलीमीटर बारिश हुई. यह सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक है.
रांची समेत कई जिलों में स्थिति संतोषजनक
राज्य के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य के आसपास रहा. इनमें खूंटी, लोहरदगा, रांची, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, धनबाद, दुमका, जामताड़ा, पलामू और रामगढ़ शामिल हैं. राजधानी रांची में भी मानसून ने अच्छी उपस्थिति दर्ज कराई. यहां 882.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 8 प्रतिशत ज्यादा है.
इन जिलों में बारिश रही कम
कुछ जिलों में मानसून का असर कमजोर रहा. कोडरमा और देवघर में सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई. कोडरमा में 396.5 मिलीमीटर और देवघर में 443.9 मिलीमीटर बारिश हुई. गढ़वा में सामान्य से 39 प्रतिशत, चतरा में 37 प्रतिशत और गिरिडीह में 35 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई. गोड्डा में बारिश की कमी 30 प्रतिशत रही, जबकि हजारीबाग में सामान्य से 29 प्रतिशत कम पानी बरसा.
पाकुड़ में सामान्य से 52 फीसदी कम हुई बारिश
बारिश की कमी के मामले में पाकुड़ की स्थिति सबसे कमजोर रही. जिले में सामान्य तौर पर 901.6 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार केवल 428.6 मिलीमीटर पानी बरसा. यह सामान्य से 52 प्रतिशत कम है. इसके अलावा बोकारो और साहिबगंज में बारिश 23 प्रतिशत कम रही. गुमला में भी सामान्य से 22 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई.
बताते चलें कि झारखंड में मानसून का प्रदर्शन सामान्य रहा, हालांकि अलग-अलग जिलों में बारिश का अंतर काफी देखने को मिला है.