Jharkhand News: डुमरी विधायक जयराम महतो और धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी के बीच विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। मामले में विधायक ने धनबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया है। उनके साथ तीन अन्य आरोपी सुशील मंडल उर्फ सुशील कुमार, महेंद्र साव, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल ने भी अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है। अदालत में मामले की सुनवाई 31 अगस्त को होने की संभावना है।
मुखिया के फर्जी दस्तावेज के आरोप से शुरू हुआ विवाद
मामले की शुरुआत बरवाअड्डा थाना क्षेत्र की बड़ा पिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी की शिकायत से हुई। उन्होंने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा नेता गणेश दास पर मुखिया के फर्जी पैड, मुहर और हस्ताक्षर के इस्तेमाल का आरोप लगाया था।
21 अगस्त को पुलिस गणेश दास को नोटिस देने उनके घर पहुंची थी। इस दौरान पुलिस और गणेश दास के बीच विवाद हो गया। मामला बढ़ने के बाद पुलिस ने गणेश दास को हिरासत में लिया और बाद में जेल भेज दिया।
थाने में विधायक और समर्थकों के बीच हुआ विवाद
गणेश दास की गिरफ्तारी के विरोध में उसी दिन बरवाअड्डा थाना परिसर में विधायक जयराम महतो और मुखिया समर्थकों के बीच तीखी बहस हुई। देखते ही देखते विवाद हाथापाई तक पहुंच गया।
घटना के बाद पुलिस की ओर से अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई। इनमें एक प्राथमिकी थाना प्रभारी की शिकायत पर विधायक जयराम महतो, 10 नामजद आरोपियों और करीब 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में दर्ज की गई है।
वायरल ऑडियो को लेकर विधायक ने उठाए सवाल
विधायक और थाना प्रभारी के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जयराम महतो ने आरोप लगाया कि ऑडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे एडिट किया गया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए बातचीत का पूरा करीब 11 मिनट का ऑडियो सार्वजनिक करने की मांग की है।
पुलिस एसोसिएशन ने की गिरफ्तारी की मांग
विवाद के बीच झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने भी विधायक के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन ने जयराम महतो की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए अल्टीमेटम दिया है।
विधायक की ओर से अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किए जाने और पुलिस एसोसिएशन के विरोध के बाद मामला और तूल पकड़ता नजर आ रहा है। अब 31 अगस्त को होने वाली संभावित सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।