Jamshedpur News: काशीडीह की रहने वाली एक महिला ने अपनी करीबी दोस्त और उसके परिजनों पर दोस्ती और विश्वास का फायदा उठाकर करीब 13 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में काशीडीह निवासी मेघा बोस ने थाना में लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ता मेघा बोस के अनुसार, उनकी करीबी दोस्त रीना कुमारी ने भाई के कारोबार को खड़ा करने के लिए आर्थिक मदद मांगी थी। आरोप है कि भरोसा दिलाया गया था कि लिए गए ऋण की किस्तें समय पर जमा की जाएंगी। इस पर विश्वास कर मेघा बोस ने अपने नाम पर विभिन्न वित्तीय संस्थानों से ऋण लिया।
बैंक खातों में ट्रांसफर की राशि
मेघा बोस का आरोप है कि ऋण की राशि उनके बैंक खाते से रीना कुमारी, उसके भाई संजय कुमार साहनी और उनकी मां के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। इसके अलावा उन्होंने शादी के दौरान अपने कुछ गहने भी देने का दावा किया है, जिनके खरीदारी बिल उनके पास मौजूद होने की बात कही गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि क्रेडिट कार्ड के माध्यम से POS मशीन का इस्तेमाल कर करीब 1.50 लाख रुपये की राशि निकालकर रीना कुमारी के खाते में जमा की गई थी।

कुछ महीनों बाद बंद हो गई किस्तों की अदायगी
शिकायतकर्ता के मुताबिक, शुरुआत में कुछ महीनों तक ऋण की किस्तें जमा की गईं, लेकिन बाद में किस्तों का भुगतान बंद कर दिया गया। इसके बाद से ऋण की पूरी आर्थिक जिम्मेदारी मेघा बोस पर आ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि रीना कुमारी और उसका भाई घर बंद कर कहीं चले गए हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
कार और ट्रेलर खरीद में रकम इस्तेमाल होने का संदेह
मेघा बोस ने शिकायत में एक अन्य व्यक्ति पर भी संदेह जताया है, जिसे संजय कुमार साहनी का दोस्त बताया गया है। उनका आरोप है कि वह व्यक्ति भी उसी समय से संपर्क से बाहर है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि उनके द्वारा दी गई रकम का इस्तेमाल कार और 12-चक्का ट्रेलर की खरीद में किया गया हो सकता है। उन्होंने संबंधित वाहनों और वित्तीय लेनदेन की जांच करने की मांग की है।
FIR दर्ज कर जांच की मांग
मेघा बोस ने पुलिस से बैंक ट्रांजैक्शन, ऋण से जुड़े दस्तावेज, क्रेडिट कार्ड भुगतान और गहनों के खरीदारी बिलों की जांच करने का आग्रह किया है। साथ ही मामले में शामिल बताए गए सभी लोगों का पता लगाकर उचित कानूनी कार्रवाई करने और कथित तौर पर दी गई रकम व गहनों की बरामदगी के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
NOTE- फिलहाल, ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। मामले में पुलिस जांच और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।