PLFI Terror Funding Case: पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप उर्फ कुलदीप यादव उर्फ बड़कू से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में बुधवार को गवाही नहीं हो सकी. रांची स्थित एनआईए की विशेष अदालत में गवाह के पेश नहीं होने के कारण सुनवाई आगे बढ़ा दी गई. एनआईए के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत ने अब मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 सितंबर की तारीख तय की है.
यह मामला वर्ष 2016 में रांची के बेड़ो थाना में दर्ज केस से जुड़ा है. पुलिस ने यह मामला प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया यानी PLFI से जुड़े टेरर फंडिंग के आरोपों में दर्ज किया था. बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने केस को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू की. NIA ने इस मामले में दिनेश गोप समेत कुल 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
नोटबंदी के दौरान मिले थे 25.38 लाख रुपये
जांच के दौरान सामने आया कि बेड़ो थाना में 10 नवंबर 2016 को मामला दर्ज हुआ था. यह केस नोटबंदी के दौरान 25.38 लाख रुपये के पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट मिलने से जुड़ा था. इस मामले में पेट्रोल पंप के कुछ कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया गया था. जांच एजेंसी के अनुसार, बरामद रकम कथित तौर पर PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप से जुड़ी थी और इसे लेवी तथा रंगदारी से जुटाया गया था.
मामले में रांची पुलिस ने 9 जनवरी 2017 को पहला आरोप पत्र दाखिल किया था. इसके बाद NIA ने टेरर फंडिंग से जुड़े इस मामले को टेकओवर कर 19 जनवरी 2018 को नया केस दर्ज किया और जांच शुरू की. NIA की जांच के आधार पर मामले में कई आरोपियों को नामजद किया गया.
मामले में ये आरोपी हैं शामिल
टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार आरोपियों में विनोद कुमार, चंद्रशेखर कुमार, नंद किशोर महतो, मोहन कुमार उर्फ राजेश कुमार, सुमंत कुमार उर्फ पवन कुमार, नंदलाल स्वर्णकार उर्फ नंदलाल सोनी, चंद्रशेखर सिंह, अरुण गोप, जितेंद्र कुमार और गुजरात निवासी नवीन भाई जयंती भाई पटेल शामिल हैं. अब मामले में अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी. उस दिन गवाही की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है.