Jharkhand News: झारखंड सरकार ने सरकारी भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल करने का फैसला लिया है. वित्त विभाग ने राज्य में पेपरलेस सिस्टम लागू करने को लेकर नया आदेश जारी किया है. इसके तहत 1 सितंबर 2026 से सरकारी बिलों का भुगतान डिजिटल प्रक्रिया के जरिए ही किया जाएगा. वित्त विभाग की संयुक्त सचिव ज्योति कुमारी झा के हस्ताक्षर से जारी आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को नई व्यवस्था का पालन करने का निर्देश दिया गया है.
कागजी बिल से खत्म होगा भुगतान
नई व्यवस्था लागू होने के बाद सरकारी भुगतान के लिए पुरानी कागजी प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. IFMS के तहत ई-वाउचर सिस्टम के जरिए ही बिलों को प्रोसेस किया जाएगा. इसके लिए संबंधित अधिकारियों को डिजिटल सिग्नेचर या ई-साइन का इस्तेमाल करना होगा. इस दायरे में कंटिजेंट बिल, कर्मचारियों के वेतन, यात्रा भत्ता, मकान निर्माण अग्रिम और मोटर कार अग्रिम जैसे भुगतान शामिल हैं.
विभागों को पहले भी दी गई थी जानकारी
वित्त विभाग के अनुसार, डिजिटल भुगतान व्यवस्था के लिए अधिकृत अधिकारियों की जानकारी पहले ही मांगी जा चुकी थी. इसके लिए 31 दिसंबर 2025 और 20 मई 2026 को विभागों से ऑथराइज्ड सिग्नेचरी, डिपार्टमेंटल मेकर और चेकर की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया था. इसके बावजूद कई विभागों की ओर से अब तक पूरी तैयारी नहीं की गई. अब सरकार ने सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को व्यवस्था लागू करने के लिए तत्काल जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है.
Pension के लिए भी Digital Signature जरूरी
सरकार ने पेंशन से जुड़ी प्रक्रिया को भी डिजिटल करने का फैसला लिया है. 1 सितंबर से पेंशन की स्वीकृति और भुगतान से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं ई-पेंशन पोर्टल के जरिए होंगी. पेंशन स्वीकृत करने के लिए DDO और संबंधित पेंशन प्राधिकार को डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल करना होगा. सरकार का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और कागजी कामकाज कम होगा.