Jamshedpur News: जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित DBMS Career Academy स्कूल में कक्षा 10वीं के छात्र के साथ कथित रैगिंग और मारपीट का मामला सामने आया है। छात्र के पिता ने शिकायत देकर आरोप लगाया है कि 26 अगस्त को कुछ छात्रों ने उनके बेटे के साथ मारपीट की और उसकी पगड़ी जबरन उतार दी।
पहले भी रैगिंग का आरोप
शिकायत के मुताबिक, कुछ समय पहले छात्र के साथ कक्षा 12वीं में पढ़ने वाले कुछ छात्रों ने रैगिंग और मारपीट की थी। उस समय छात्र ने किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी और मामले को सहन कर लिया। पिता का आरोप है कि 26 अगस्त को फिर से उन्हीं छात्रों के साथ करीब 15 से 20 अन्य लड़कों ने स्कूल के बाहर उनके बेटे को घेर लिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई।
पगड़ी उतारने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि मारपीट के दौरान छात्र की पगड़ी भी जबरन उतार दी गई। छात्र ने इसका विरोध किया तो आरोप है कि उसके साथ दोबारा मारपीट की गई। परिवार का कहना है कि घटना के बाद से छात्र काफी डरा हुआ है।
पीछा करने और धमकाने का भी आरोप
पिता ने शिकायत में यह भी कहा है कि कुछ लड़के गोलमुरी इलाके में उनके बेटे का पीछा कर रहे हैं। उन पर डराने-धमकाने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया है।शिकायत में कुछ युवकों के वाहनों और संभावित ठिकानों का भी जिक्र किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हथियार दिखाने का भी दावा
परिवार का दावा है कि कुछ लड़कों ने चाकू जैसे हथियार रखने या दिखाने की कोशिश की और छात्र को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। पिता ने इसे गंभीर सुरक्षा चिंता बताते हुए मामले की तत्काल जांच की मांग की है।
CCTV फुटेज की जांच की मांग
छात्र के पिता ने स्कूल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है। उन्होंने संबंधित छात्रों की पहचान कर पूछताछ करने की भी अपील की है। साथ ही मारपीट, कथित रैगिंग, पगड़ी उतारने और पीछा करने के आरोपों की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित परिवार
पिता ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी छात्र को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं है। वह अपने बेटे की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से भी रैगिंग रोकने और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है। फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस और स्कूल प्रबंधन की जांच के बाद स्पष्ट होगी।