Jamtara: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भाजपा ने जामताड़ा में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं. इसी सिलसिले में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी गुरुवार को जामताड़ा पहुंचे. उन्होंने भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. बैठक में मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर जानकारी जुटाने पर जोर दिया गया. मरांडी ने कार्यकर्ताओं को गांवों में जाने को कहा. उन्होंने निर्देश दिया कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची से हट गया है, जो दूसरी जगह स्थानांतरित बताए गए हैं या जिन्हें अनुपस्थित दिखाया गया है, उनकी वास्तविक स्थिति की जानकारी ली जाए.
जामताड़ा में 14 हजार नाम हटने का दावा
बैठक के दौरान बाबूलाल मरांडी ने जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि करीब 14 हजार आदिवासी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं. मरांडी के मुताबिक, इन नामों को हटाने के लिए मतदाताओं के अनुपस्थित रहने या दूसरे स्थान पर शिफ्ट होने का कारण बताया गया है. उन्होंने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए इसकी जांच कराने की मांग की. मरांडी ने आरोप लगाया कि नाम हटाने की यह कार्रवाई स्थानीय मंत्री और विधायक के इशारे पर हुई है. हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
खनिज कारोबार को लेकर भी सरकार पर निशाना
जामताड़ा दौरे के दौरान मरांडी ने MMDR संशोधन बिल को लेकर कांग्रेस और झामुमो पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अतिरिक्त टैक्स और सेस लगने से झारखंड से कोयला और आयरन खरीदने की लागत बढ़ रही है. मरांडी ने दावा किया कि इसका सीधा असर उद्योगों और खनिज कारोबार पर पड़ सकता है. उन्होंने आंकड़ा देते हुए कहा कि 30 टन कोयला लेकर चलने वाले एक हाईवा पर करीब 13,500 रुपये और 30 टन आयरन पर करीब 18 हजार रुपये अतिरिक्त सेस का बोझ पड़ता है. उनका कहना है कि बढ़ी हुई लागत के कारण खरीदार दूसरे राज्यों या विदेशों से खनिज खरीदने का विकल्प चुन सकते हैं.
खदानों को चालू कराने की मांग
बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में खदानों की नीलामी और उनके संचालन को लेकर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि राज्य में खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ाने की जरूरत है. इसके बजाय अतिरिक्त टैक्स लगाने से उत्पादन और बिक्री पर असर पड़ सकता है. मरांडी ने दावा किया कि इसका असर रोजगार पर भी देखने को मिल सकता है. उन्होंने कहा कि खनिज क्षेत्र से राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ी है. ऐसे में झारखंड की खदानों को सुचारू तरीके से चालू कराया जाए तो राज्य की आमदनी में काफी बढ़ोतरी हो सकती है. उन्होंने सरकार से खदानों की नीलामी कराने के साथ-साथ खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग की. बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण, माधव चंद्र महतो और सत्यानंद झा समेत भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के कार्यकर्ता और अन्य नेता मौजूद रहे.