Jharkhand Education Update: झारखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को और बेहतर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने 80 CM Schools Of Excellence में "प्रोजेक्ट विद्याज्योति" शुरू करने की पहल की है. इस योजना के जरिए स्कूलों में डिजिटल पढ़ाई, आधुनिक तकनीक और बेहतर अकादमिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. इसका सीधा लाभ कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले करीब 20,000 छात्रों को मिलेगा. मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं के साथ NEET, JEE और CUET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी.
छात्रों की जरूरत के हिसाब से बनेगा लर्निंग प्लान
योजना के तहत सबसे पहले छात्रों की बेसलाइन असेसमेंट की जाएगी. इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि किस विद्यार्थी को किन विषयों में ज्यादा सहायता की जरूरत है. इसी आधार पर हर महीने व्यक्तिगत Learning Plan तैयार किया जाएगा. छात्रों की प्रगति के अनुसार इस प्लान की समीक्षा भी होगी.
हर सप्ताह लाइव क्लास की सुविधा
विद्यार्थियों को हर सप्ताह कम से कम 2 लाइव इंटरैक्टिव ट्यूशन सेशन दिए जाएंगे. पूरे साल कम से कम 80 ऐसे सत्र कराने का लक्ष्य रखा गया है. सामान्य कक्षाओं में अधिकतम 20 छात्र होंगे. वहीं उपचारात्मक कक्षाओं में अधिकतम 10 विद्यार्थियों का छोटा समूह रखा जाएगा.
24 घंटे दूर होगी पढ़ाई से जुड़ी परेशानी
छात्रों के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराया जाएगा. इसके जरिए वे किसी भी समय अपने अकादमिक सवाल पूछ सकेंगे. सामान्य सवालों का जवाब 24 घंटे के भीतर देने का प्रावधान है. जटिल सवालों को विशेषज्ञ शिक्षक 48 घंटे के अंदर हल करेंगे.
बोर्ड के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विशेष रिविजन कराया जाएगा. इसके साथ आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस भी कराई जाएगी. बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर कम से कम 4 फुल लेंथ मॉक टेस्ट होंगे. कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों को NEET, JEE और CUET के साथ NDA जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जाएगा.
छात्रों को JCERT के पाठ्यक्रम के अनुसार डिजिटल लर्निंग सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी. पढ़ाई की सामग्री हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में होगी. इसके अलावा Question Bank और Printed Study Package भी दिए जाएंगे.
"प्रोजेक्ट विद्याज्योति" के लिए वेब और मोबाइल आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म इस्तेमाल किया जाएगा. प्लेटफॉर्म का अपटाइम 99 फीसदी से ज्यादा रखने का लक्ष्य है. इसे झारखंड के "ई-शिक्षा कनेक्ट" से डेटा सिंक किया जाएगा.
डेटा सुरक्षा के लिए जानकारी पूरी तरह भारत में होस्ट की जाएगी. JEPC के इस प्रयास का मकसद केवल स्कूलों का बुनियादी ढांचा मजबूत करना नहीं है. योजना के जरिए छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन में भी ठोस सुधार लाने की कोशिश की जा रही है.