Dhanbad News: रक्षाबंधन से पहले धनबाद समाहरणालय में छात्राओं ने इस पर्व को एक खास संदेश से जोड़ दिया. जिले के 12 सरकारी स्कूलों की छात्राओं ने डीसी आदित्य रंजन, एसएसपी प्रभात कुमार समेत अन्य अधिकारियों को राखी बांधी.लेकिन इस बार छात्राओं ने राखी के बदले कोई उपहार नहीं मांगा. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उन्हें गिफ्ट नहीं चाहिए. उनके स्कूलों की हालत सुधारी जाए और आने-जाने के दौरान उन्हें सुरक्षित माहौल दिया जाए.
जर्जर स्कूल भवन की दिखाई तस्वीरें
अधिकारियों से बातचीत के दौरान छात्राओं ने स्कूलों से जुड़ी कई समस्याएं सामने रखीं. कहीं स्कूल की इमारत जर्जर है, तो कहीं दीवारों में दरारें हैं. छात्राओं ने टूटी नालियों, खराब शौचालय और पेयजल की समस्या की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं की कमी का सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है.
छात्राओं ने स्कूल के बाहर और रास्ते में होने वाली परेशानियों का भी जिक्र किया. उन्होंने मनचलों और असुरक्षित ट्रैफिक को लेकर चिंता जताई. कई छात्राओं ने कहा कि स्कूल से घर लौटते समय उन्हें अकेले जाने में डर लगता है. उन्होंने अधिकारियों से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की.
छह महीने में सुधार का भरोसा
डीसी आदित्य रंजन ने छात्राओं की बातें सुनीं और उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास रहेगा कि ज्यादातर समस्याओं को अगले छह महीने में दूर किया जाए. एसएसपी प्रभात कुमार ने भी स्कूलों के आसपास पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन दिया.
छात्राओं ने राखी को सिर्फ एक परंपरा तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने अधिकारियों की कलाई पर राखी बांधकर अपनी सुरक्षा और बेहतर शिक्षा की मांग सामने रखी. उनका संदेश साफ था कि उन्हें दिखावटी सुरक्षा नहीं, बल्कि सुरक्षित रास्ते, बेहतर स्कूल और जरूरी सुविधाएं चाहिए. अब छात्राओं की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है. अगर दिए गए आश्वासन जमीन पर उतरते हैं, तो यह राखी उनके लिए सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि बदलाव की शुरुआत बन सकती है.