Garhwa: गढ़वा के बरडीहा थाना क्षेत्र के बरडीहा बाजार में इलाज के दौरान 17 वर्षीय किशोर अनोज कुमार पाल की मौत हो गई. किशोर को बुखार के इलाज के लिए कथित तौर पर इंजेक्शन लगाया गया था. इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ देर बाद मौत हो गई. मामला बाजार में संचालित प्रज्ञा ड्रग स्टोर से जुड़ा है. आरोप है कि दुकान संचालक नरेश प्रसाद के बेटे शशि प्रसाद ने किशोर को बुखार कम करने के लिए इंजेक्शन लगाया था.
इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, इंजेक्शन लगाए जाने के बाद अनोज की हालत खराब होने लगी. कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस बल के साथ प्रज्ञा ड्रग स्टोर पहुंची.
जांच के बाद दुकान को किया गया सील
मौके पर पहुंचे बीडीओ प्रवीण कुमार सिंह और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गोविंद प्रसाद सेठ ने दुकान की जांच की. जांच के दौरान दुकान से बड़ी संख्या में एक्सपायरी दवाइयां मिलीं. अधिकारियों के अनुसार, दुकान का संचालन बिना वैध ड्रग लाइसेंस के किया जा रहा था. जांच टीम को दुकान से कई आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात भी सामने आई है. कार्रवाई के बाद दुकान को सील कर दिया गया.
बिना जांच इंजेक्शन देने पर सवाल
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गोविंद प्रसाद सेठ ने बताया कि सिफ्ट्रियाक्सोन ग्रुप के इंजेक्शन मरीज की उचित जांच और चिकित्सकीय सलाह के बाद ही दिए जाने चाहिए. प्रारंभिक तौर पर आशंका है कि जरूरी जांच के बिना इंजेक्शन दिए जाने के बाद किशोर की तबीयत बिगड़ी होगी. हालांकि, अनोज की मौत की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
गढ़वा जिले में इंजेक्शन लगाए जाने के बाद मौत का यह पहला मामला नहीं है. करीब दो महीने पहले भी इंजेक्शन लगाने के बाद दो लोगों की मौत का मामला सामने आया था. अब 17 वर्षीय किशोर की मौत के बाद बिना लाइसेंस चल रही दवा दुकानों और बिना चिकित्सकीय जांच के इंजेक्शन देने को लेकर फिर सवाल उठ रहे हैं. मामले की जांच जारी है.