Jharkhand: झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में आरोपी नेहा कुमारी को अदालत से जमानत मिल गई है. सोमवार को एजेसी योगेश कुमार की अदालत में उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने नेहा कुमारी को जमानत दे दी.
12 अप्रैल की रात हुई थी पुलिस की कार्रवाई
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा 13 अप्रैल को होनी थी. इससे एक रात पहले 12 अप्रैल को तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव में पुलिस ने छापेमारी की थी. रड़गांव स्थित निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में कई अभ्यर्थियों को परीक्षा के प्रश्नों के उत्तर याद कराए जा रहे थे. वहां बड़ी संख्या में लोगों के मौजूद होने पर ग्रामीणों को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. छापेमारी के दौरान अभ्यर्थियों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद परीक्षा में कथित पेपर लीक का मामला सामने आया.
3 लाख रुपये लेने का आरोप
जांच में पुलिस को पता चला कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर देने के बदले करीब 3 लाख रुपये लेने की बात थी. वहीं, नौकरी मिलने के बाद 10 लाख रुपये देने की बात तय होने का भी आरोप है. जांच के दौरान पुलिस को इस पूरे मामले में एक संगठित गिरोह के शामिल होने की जानकारी मिली.
अतुल वत्स समेत कई आरोपी जेल में
मामले में अतुल वत्स को मास्टरमाइंड बताया गया है. उसके साथ विकास कुमार, आशीष कुमार, योगेश कुमार और मुकेश कुमार समेत कई आरोपी अभी जेल में हैं. बिहार से गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपी भी जेल में बंद हैं. इसके अलावा चार अभ्यर्थियों को भी आरोपी बनाया गया है और वे जेल में हैं.
83 जमानत याचिकाएं हुई थीं दाखिल
मामले में आरोपियों की ओर से कुल 83 जमानत याचिकाएं दाखिल की गई थीं. इनमें से 78 याचिकाओं पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और आरोपियों को जमानत मिल चुकी है. अब नेहा कुमारी को भी कोर्ट से जमानत मिल गई है. हालांकि, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े इस मामले की जांच अभी जारी है.