Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-08-24

Ranchi News: कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में छात्रों को मिलेंगी स्मार्ट सुविधाएं, 38 संस्थानों के लिए बंक बेड और चेयर की खरीद

Ranchi News: झारखंड के कौशल प्रशिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रेझा फाउंडेशन ने स्मार्ट बंक बेड और आधुनिक कुर्सियों की खरीद के लिए टेंडर जारी किया है। इसके तहत चयनित आपूर्तिकर्ता राज्य के 38 संस्थानों में सामान की आपूर्ति करेंगे।


टेंडर में शामिल होने वाली कंपनियों को अपनी बोली ऑनलाइन जमा करनी होगी। इसके लिए mjunction Services Limited के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ऑफलाइन या हार्ड कॉपी में बोली स्वीकार नहीं की जाएगी। टेंडर से जुड़े सवाल 25 अगस्त तक पूछे जा सकते हैं, जबकि ऑनलाइन बोली जमा करने की अंतिम तारीख 3 सितंबर 2026 रात 8 बजे निर्धारित की गई है।

स्मार्ट बंक बेड में पढ़ाई से लेकर चार्जिंग तक की सुविधा

टेंडर की शर्तों के अनुसार, प्रस्तावित स्मार्ट बंक बेड को छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। इसमें पढ़ाई के लिए अलग टेबल, व्यक्तिगत लाइट, मोबाइल चार्जिंग पोर्ट, ट्यूबलर पंखा और सामान रखने की जगह होगी। बेड के ऊपर और नीचे दोनों हिस्सों में मच्छरदानी लगाने की सुविधा भी अनिवार्य रखी गई है।


इसके साथ ही हाई-बैक एग्जीक्यूटिव चेयर भी खरीदी जाएगी। कुर्सी में आर्म रेस्ट, 360 डिग्री घूमने की सुविधा और पीछे की ओर झुकने के लिए टिल्ट एडजस्टमेंट दिया जाएगा।

38 संस्थानों तक पहुंचाया जाएगा सामान

तकनीकी और योग्यता संबंधी शर्तें पूरी करने वाले आपूर्तिकर्ताओं में सबसे कम कीमत की बोली लगाने वाली कंपनी को प्राथमिकता दी जाएगी। चयनित कंपनी को खरीद आदेश जारी होने के 30 दिनों के भीतर सभी सामान की आपूर्ति करनी होगी। सामान झारखंड के 38 अलग-अलग संस्थानों में पहुंचाया जाएगा। इनमें विभिन्न जिलों के कल्याण गुरुकुल के अलावा रांची, चान्हो और इटकी स्थित नर्सिंग एवं आईटीआई कौशल कॉलेज भी शामिल हैं।

देरी या गड़बड़ी पर हो सकती है कार्रवाई

समय पर सामान उपलब्ध कराने वाले वेंडर को चालान जमा करने के 45 दिनों के भीतर भुगतान किया जाएगा। वहीं, निर्धारित समय सीमा में आपूर्ति नहीं करने पर भुगतान में कटौती या सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। टेंडर प्रक्रिया में किसी तरह की धोखाधड़ी या भ्रष्टाचार सामने आने पर संबंधित कंपनी का ठेका रद्द करने का प्रावधान भी रखा गया है।

WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !