Current News: उद्योगपति गौतम अडानी की कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। रविवार को हुई इस मुलाकात को मुख्यमंत्री ने सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया, लेकिन भाजपा ने इसे कांग्रेस के रुख में विरोधाभास बताते हुए सवाल खड़े किए हैं।
गौतम अडानी और डीके शिवकुमार के बीच हुई बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब बेंगलुरु में प्रस्तावित 17 किलोमीटर लंबे हेब्बल-सिल्क बोर्ड टनल रोड प्रोजेक्ट को लेकर अडानी एंटरप्राइजेज ने सबसे कम बोली लगाकर टेंडर हासिल किया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 17,698 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
भाजपा ने कांग्रेस के "डबल स्टैंडर्ड" पर उठाए सवाल
भाजपा नेता आर अशोक ने मुख्यमंत्री और गौतम अडानी की मुलाकात को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार अडानी समूह को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार उसी कारोबारी समूह के साथ काम कर रही है।
आर अशोक ने आरोप लगाया कि एक तरफ कांग्रेस अडानी समूह को लेकर केंद्र सरकार पर हमला करती है, वहीं दूसरी ओर कर्नाटक सरकार उसके लिए निवेश और परियोजनाओं के रास्ते खोल रही है। उन्होंने इसे कांग्रेस की कथित दोहरी नीति बताया।
कर्नाटक में अडानी समूह के कारोबारी हित
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया। उनका कहना है कि अहमदाबाद स्थित इंफ्रास्ट्रक्चर समूह के कर्नाटक में कारोबारी हित हैं और इसी सिलसिले में यह मुलाकात हुई।
अडानी समूह का निवेश कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों में भी रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, समूह ने 2024 में तेलंगाना में 12,400 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की घोषणा की थी। वहीं तमिलनाडु में करीब 42,700 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बताई गई है। केरल में भी अडानी समूह द्वारा संचालित विझिनजम पोर्ट को रणनीतिक लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
टनल रोड प्रोजेक्ट पर सरकार का जोर
बेंगलुरु का हेब्बल-सिल्क बोर्ड टनल रोड प्रोजेक्ट डीके शिवकुमार के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है। करीब 17 किलोमीटर लंबी इस टनल रोड के निर्माण पर लगभग 17,698 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
प्रोजेक्ट का उद्देश्य बेंगलुरु के प्रमुख यातायात मार्गों पर बढ़ते दबाव को कम करना और शहर में आवागमन को बेहतर बनाना है। अब गौतम अडानी और मुख्यमंत्री की मुलाकात के बाद इस परियोजना के साथ-साथ कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।