Garhwa News: आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट के आरोपों को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर हमला तेज कर दिया है। गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने शनिवार को स्थानीय परिसदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों के खिलाफ हुई कथित हिंसा की निंदा की और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
उन्होंने कहा कि छात्र अपने रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में पुतला दहन के दौरान उनके साथ मारपीट किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायक ने आरोप लगाया कि झामुमो कार्यकर्ताओं ने छात्रों को दबाने के लिए जिस तरह बल प्रयोग किया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
छात्रों का आंदोलन जनांदोलन में बदलने का दावा
सत्येंद्र तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति या संगठन को सरकार की नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि पलामू, गढ़वा समेत राज्य के कई हिस्सों में झामुमो कार्यकर्ताओं ने छात्रों के आंदोलन को रोकने की कोशिश की। उनके अनुसार, इस दौरान केवल झामुमो के छात्र संगठन से जुड़े लोग ही नहीं, बल्कि पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
विधायक ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं। यदि परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप सामने आते हैं, तो उनके भविष्य पर सीधा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में छात्रों के सवालों और शिकायतों का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
JPSC परीक्षाओं की जांच की मांग
विधायक ने JPSC की 11वीं और 13वीं परीक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि इन परीक्षाओं को लेकर छात्रों के बीच गड़बड़ी और कथित उगाही जैसी शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष हो और योग्य अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के आधार पर नियुक्ति मिले।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी अयोग्य उम्मीदवार को गलत तरीके से नियुक्ति नहीं मिलनी चाहिए और योग्य अभ्यर्थियों के अधिकार से भी समझौता नहीं होना चाहिए। सत्येंद्र तिवारी ने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग दोहराई।