Kandra Maoist Arrest: सरायकेला-खरसावां जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र के उदयपुर में पुलिस और माओवादियों के बीच हुई कार्रवाई का पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने उस माओवादी को गिरफ्तार किया है, जिसने अभियान के दौरान पुलिस टीम को देखते ही AK-47 कॉक कर ली थी और पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी की ओर बंदूक तान दी थी. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार माओवादी के पास से AK-47 के 25 कारतूस बरामद किए गए हैं. वह प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन की सब-जोनल कमेटी का सदस्य बताया जा रहा है.
घर में छिपे माओवादी ने SP पर तानी थी AK-47
पुलिस के मुताबिक, 5 अगस्त को उदयपुर गांव में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर अभियान चलाया गया था. सूचना थी कि एक घर में कुछ माओवादी जमा हैं और किसी बड़ी घटना की तैयारी कर रहे हैं. इसके बाद एसपी मनोज स्वर्गियारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव की घेराबंदी की. तलाशी के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति हथियार के साथ दिखाई दिया और जंगल की ओर भाग गया.
इसके बाद पुलिस टीम एक प्रधानमंत्री आवास योजना के घर तक पहुंची. घर अंदर से बंद था. पुलिस ने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की. इसी दौरान घर के अंदर से हथियार कॉक करने की आवाज सुनाई दी. पुलिस के अनुसार, अंदर मौजूद माओवादी ने AK-47 निकालकर एसपी मनोज स्वर्गियारी की ओर तान दी थी.
खतरा देखते हुए पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की. दरवाजा तोड़कर पुलिस घर के अंदर दाखिल हुई और आरोपी को पकड़ लिया.
रवि सिंह सरदार के रूप में हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपी की पहचान नीमडीह थाना क्षेत्र के बेनाडीह टोला, टेंगाडीह निवासी रवि सिंह सरदार के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, रवि सिंह सरदार संगठन में सरदार उर्फ सागर सिंह सरदार उर्फ बीरेन सिंह के नाम से सक्रिय था. पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को अपने एक साथी मंगल उर्फ मंगल सरदार के बारे में भी जानकारी दी.
रवि की निशानदेही पर 5 अन्य गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, रवि सिंह सरदार से मिली जानकारी के आधार पर अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की गई. इस दौरान पांच अन्य संदिग्ध माओवादियों को गिरफ्तार किया गया. इनमें मदन महतो उर्फ चरण, मीना पहाड़िया उर्फ नेप, मंगल सिंह सरदार, अनीता कायाम उर्फ नूनी और मालती मुर्मू शामिल हैं.
पिस्टल, AK-47 के कारतूस और बाइक बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 9 एमएम पिस्टल, AK-47 के 25 कारतूस, मोटरसाइकिल, माओवादी साहित्य और अन्य सामान बरामद किया है. इस मामले में पुलिस पर हमला करने, सरकारी काम में बाधा डालने और धमकी देने समेत यूएपीए की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
पुलिस अब फरार मंगल समेत अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही है. पूरे मामले में माओवादी नेटवर्क और गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है.