एसपी के निर्देश पर डीएसपी की अगुवाई में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक (SP) शंभु कुमार सिंह के निर्देश पर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में अंजाम दी गई. पकड़े गए आरोपियों की पहचान अरबाज, शरीफ, इरफान और फरीद के रूप में हुई है. पुलिस ने फरार संदिग्ध की तलाश में छापेमारी तेज कर दी है. शुरुआती पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं.
कूरियर डिलीवरी के नाम पर ऐसे बनाते थे शिकार
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह आम लोगों को कूरियर कंपनी का एजेंट बनकर फोन करता था. पार्सल डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी करने का झांसा देकर वे पीड़ित को एक फर्जी और संदिग्ध मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए उकसाते थे. जैसे ही पीड़ित अपने फोन में ऐप इंस्टॉल करता, आरोपी उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस अपने हाथ में ले लेते थे.
मिनटों में खाली कर देते थे बैंक खाते
स्मार्टफोन का एक्सेस मिलते ही यह गैंग पीड़ितों के बैंक डिटेल्स, ओटीपी और पर्सनल डेटा चुरा लेता था. इसके बाद चंद मिनटों के भीतर लोगों की मेहनत की कमाई बैंक खातों से उड़ा दी जाती थी. आरोपी आंगनबाड़ी केंद्र की आड़ में बैठकर निर्बाध रूप से देश भर के लोगों को अपना शिकार बना रहे थे.
मौके से मोबाइल, सिम कार्ड और लैपटॉप बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 11 स्मार्टफोन, 20 एक्टिवेटेड सिम कार्ड और एक लैपटॉप जब्त किया है. पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह का जाल देश के कई अन्य राज्यों में भी फैला हुआ है. जामताड़ा पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत नया भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट का मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है.