Ranchi News : AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलनरत छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और AISA उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
14वीं JPSC और JSSC CGL परीक्षा रद्द करने की मांग
नेहा बोरा ने कहा कि कथित धांधली के आरोपों को देखते हुए 14वीं JPSC परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की जाए। साथ ही JSSC CGL परीक्षा भी रद्द कर री-एग्जाम कराया जाए। उन्होंने मांग की कि TDPL और NDA जैसी निजी एजेंसियों से परीक्षाएं कराने की व्यवस्था समाप्त कर सरकारी संस्थानों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बिरसा मुंडा चौक से विधानसभा की ओर छात्र मार्च निकाला गया। इसी दौरान एक युवक ने नेहा बोरा पर स्याही फेंक दी। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। नेहा बोरा ने बताया कि आरोपी की पहचान अमरनाथ पांडे (26) के रूप में हुई है, जो हजारीबाग का रहने वाला और विनोबा भावे विश्वविद्यालय का छात्र है। मामले की जांच जारी है।
छात्र आंदोलन को बदनाम करने का आरोप
नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन को कमजोर और बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सत्ता पक्ष और INDIA गठबंधन से छात्रों की मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की। साथ ही घोषणा की कि 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च में AISA पूरी ताकत के साथ शामिल होगा।
जंतर-मंतर आंदोलन में कथित देश विरोधी नारों के आरोपों पर नेहा बोरा ने कहा कि ऐसे आरोप पूरी तरह भ्रामक हैं। उनके अनुसार आंदोलन के दौरान सरकार और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ नारे लगाए गए थे, न कि देश के खिलाफ। उन्होंने कहा कि छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।