PM Modi Video Row: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से अस्थायी रूप से हटाए जाने का मामला अब संसद तक पहुंच गया है. सूचना एवं प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को तीन दिनों के भीतर बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया है. समिति ने कहा है कि तय समय में जवाब नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी.
अभिव्यक्ति की आजादी पर उठे सवाल
समिति ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, निष्पक्ष सूचना प्रसार और भारत में काम कर रहे वैश्विक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही पर सवाल खड़े होते हैं. साथ ही स्पष्ट किया गया कि भारत में सेवाएं देने वाली सभी डिजिटल कंपनियों को देश के कानूनों और नियामक नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा.
"सेफ हार्वर" सुरक्षा पर भी चेतावनी
संसदीय पैनल ने कहा कि यदि 72 घंटे के भीतर मेटा की ओर से संतोषजनक जवाब या बिना शर्त माफी नहीं आती है, तो आईटी अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी. समिति ने यह भी संकेत दिया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को मिलने वाले "सेफ हार्वर" कानूनी संरक्षण को वापस लेने पर विचार किया जा सकता है, जिससे कंपनी यूजर्स की पोस्ट की गई सामग्री के लिए सीधे जिम्मेदार हो सकती है.
आईटी सचिव को भेजा गया पत्र
समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन को पूरे मामले पर औपचारिक पत्र भेजकर आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई का अनुरोध किया है. समाचार लिखे जाने तक मेटा या उसके सीईओ Mark Zuckerberg की ओर से इस अल्टीमेटम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.