Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन और जमीन सौदों में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है. समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर संसद परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. सपा नेताओं ने केंद्र सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संसद के भीतर इस संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर चर्चा कराने की मांग की है.
जांच रिपोर्ट और पारदर्शिता पर डिंपल यादव ने घेरा
मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज और जमीनों की खरीद-बिक्री पर तीखे सवाल दागे. उन्होंने कहा कि करीब दो साल पहले जमीन सौदों में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनों की खरीद बाजार दर से काफी अधिक कीमतों पर की गई, जिससे यह सवाल उठता है कि इस अतिरिक्त रकम का लाभ किसे मिला.
आस्था से जुड़ा विषय, पाई-पाई का हिसाब होना चाहिए: सपा
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने स्पष्ट किया कि श्री राम मंदिर देश-विदेश के करोड़ों रामभक्तों की अगाध आस्था का केंद्र है. श्रद्धालुओं ने मंदिर निर्माण के लिए अपनी मेहनत की कमाई से दान दिया है, इसलिए चढ़ावे और ट्रस्ट के खातों में पाई-पाई का हिसाब पारदर्शी होना चाहिए. विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस मुद्दे पर जवाब देने से बच रही है और संसद में इस विषय पर चर्चा कराने से कतरा रही है.
उपचुनाव के नतीजों और विपक्षी आवाज दबाने के आरोप
प्रदर्शन के दौरान डिंपल यादव ने हालिया उपचुनावों के परिणामों का हवाला देते हुए कहा कि जनता का रुझान बदलाव का संकेत दे रहा है. वहीं, सपा के वरिष्ठ सांसद राजीव राय ने कहा कि जब भी विपक्ष भ्रष्टाचार और जनता से जुड़े सवाल उठाता है, तो सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश करती है. फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम और विपक्षी आरोपों पर सरकार या ट्रस्ट की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है.