Jharkhand News: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और "दिशोम गुरु" शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर पलामू में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लुकैयाटांड स्थित सोना सोबरन विद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया. साथ ही करीब 102.5 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया.
गुरुजी को दी श्रद्धांजलि, विकास योजनाओं का शुभारंभ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन उनके परिवार के साथ पूरे झारखंड, विशेषकर आदिवासी, दलित और पिछड़े समाज के लिए भावनात्मक महत्व रखता है. उन्होंने कहा कि प्रतिमा का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को राज्य के संघर्ष, बलिदान और सामाजिक विरासत से परिचित कराना है.
युवाओं को इतिहास से जुड़ने का संदेश
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने इतिहास और सामाजिक मूल्यों को समझने की अपील की. उन्होंने कहा कि युवाओं में अपार क्षमता है, लेकिन बदलते समय में उन्हें भटकाने की कोशिशें भी होती हैं. ऐसे में सही जानकारी और जागरूकता के साथ आगे बढ़ना जरूरी है. उन्होंने समाज को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने और एकजुट रहने का भी आह्वान किया.
शिबू सोरेन के संघर्ष को बताया प्रेरणा
हेमंत सोरेन ने कहा कि शिबू सोरेन ने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में वंचित और जरूरतमंद लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया. उनके प्रयासों ने झारखंड की अलग पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उनके विचारों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाते हुए अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है.