Jamshedpur Breaking: जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र अंतर्गत रेलवे कंटेनर यार्ड के पास बीते रविवार रात हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल मोहम्मद आफताब आलम की मंगलवार तड़के कोलकाता में इलाज के दौरान मौत हो गई. आफताब की मौत के बाद भड़के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करते हुए हमलावरों का तुरंत एनकाउंटर करने और उनके घरों को ध्वस्त (बुलडोज) करने की मांग उठाई है. परिजनों का आरोप है कि घटना के तीन दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है.

"जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होगी, पार्थिव शरीर घर नहीं ले जाएंगे"
परिजनों और बस्तीवासियों ने पुलिस प्रशासन को दो दिनों का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है. उन्होंने ऐलान किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कठोरतम कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे आफताब के पार्थिव शरीर को घर नहीं ले जाएंगे. परिजनों के अनुसार, मांग पूरी न होने तक आफताब के शव को सीधे बर्मामाइंस थाना परिसर में रखकर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा.
11 नामजद पर केस दर्ज, सोशल मीडिया पर धमकियां देने का भी आरोप
मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी सलमा कादरी की शिकायत पर शहनवाज उर्फ भोंदू, मोहम्मद रेहान, अयान समेत 11 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर रहकर सोशल मीडिया के जरिए लगातार अपने ही रिश्तेदारों और नशा मुक्ति अभियान से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकियां दे रहा है. मौके पर पहुंचे डीएसपी सुमित कुमार ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है.
13 खोखे बरामद, क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
पुलिस ने घटनास्थल से 13 खोखे और एक जिंदा कारतूस बरामद किए हैं और आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. आफताब के निधन के बाद उत्पन्न हुए भारी तनाव और जन-आक्रोश को देखते हुए बर्मामाइंस और आसपास के संवेदनशील इलाकों में एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. पुलिस प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और परिजनों से बातचीत कर शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास में जुटा हुआ है.