Donor Heart Transport: वंदे भारत एक्सप्रेस ने एक बार फिर जीवन बचाने के मिशन में अहम भूमिका निभाई है. गुजरात के अंकलेश्वर से डोनर हार्ट को समय पर अहमदाबाद पहुंचाने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस का विशेष ठहराव कराया गया. इसके बाद ग्रीन कॉरिडोर के जरिए हार्ट को यू. एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर पहुंचाया गया, जहां मरीज का हार्ट ट्रांसप्लांट किया जाना है.
अंकलेश्वर स्टेशन पर पहली बार रुकी वंदे भारत
डोनर हार्ट अंकलेश्वर के श्रीमती जयाबेन मोदी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल से लिया गया था. समय कम होने के कारण अस्पताल से रेलवे स्टेशन तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. इसी मिशन के लिए पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस को अंकलेश्वर स्टेशन पर विशेष रूप से रोका गया.
समय पर पहुंचाना था सबसे बड़ी चुनौती
हार्ट ट्रांसप्लांट में डोनर हार्ट को तय समय के भीतर अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी होता है. इसे देखते हुए रेलवे, रेलवे सुरक्षा बल, गुजरात पुलिस और डॉक्टरों की टीम ने मिलकर पूरे अभियान को सफल बनाया. वंदे भारत एक्सप्रेस की तेज रफ्तार और समय पर संचालन से यह मिशन पूरा हो सका.
तीन दिन में दूसरी बार निभाई अहम भूमिका
पिछले तीन दिनों में यह दूसरा मौका है, जब वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए डोनर हार्ट अहमदाबाद पहुंचाया गया है. इससे पहले सूरत से भी डोनर हार्ट को सफलतापूर्वक अहमदाबाद पहुंचाया गया था.
आपातकालीन सेवाओं में रेलवे की बढ़ी भूमिका
इस अभियान ने दिखाया कि भारतीय रेलवे अब केवल यात्रियों की यात्रा तक सीमित नहीं है. अंग प्रत्यारोपण जैसे आपातकालीन मामलों में भी रेलवे तेजी और बेहतर समन्वय के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. अधिकारियों ने इसे ग्रीन कॉरिडोर और विभिन्न एजेंसियों के बेहतर तालमेल का सफल उदाहरण बताया.