Ranchi News: रामकृपाल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों पर आयकर विभाग का सर्वे शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा. जांच के दौरान अधिकारियों को ऐसे कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी के संकेत मिले हैं. शुरुआती जांच में सैकड़ों करोड़ रुपये की अघोषित आय से जुड़े इनपुट सामने आए हैं.
मोबाइल और लैपटॉप से मिले अहम सुराग
सर्वे के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस की जांच में हवाला लेन-देन से जुड़े कई संदिग्ध चैट मिले हैं. आयकर विभाग अब इन चैट और डिजिटल रिकॉर्ड की विस्तार से जांच कर रहा है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके.
लेन-देन के जरिए नकदी तैयार करने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि अलग-अलग कंपनियों के बीच लेन-देन दिखाकर करीब 50 करोड़ रुपये की नकदी तैयार की गई. वहीं कंपनी के रिकॉर्ड में लगभग 200 करोड़ रुपये नकद खर्च दिखाया गया है. जब अधिकारियों ने इस खर्च का आधार और दस्तावेज मांगे, तो कंपनी की ओर से कथित तौर पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा सका.
पांच ठिकानों पर चल रहा है सर्वे
आयकर विभाग की करीब 150 सदस्यीय टीम रामकृपाल कंस्ट्रक्शन और उससे जुड़े कारोबारियों के पांच ठिकानों पर जांच कर रही है. अधिकारी बैंक खातों, बैलेंस शीट, ठेकों से जुड़े रिकॉर्ड और पिछले कई वर्षों के वित्तीय दस्तावेजों का मिलान कर रहे हैं.
जांच अभी जारी, बढ़ सकता है आंकड़ा
सूत्रों के मुताबिक, सर्वे अभी खत्म नहीं हुआ है. विभाग ने कई हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं, जिनका डेटा खंगाला जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ अघोषित आय का आंकड़ा 300 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकता है. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है.