दान पेटी और साधु के वेश से खिंचा सभी का ध्यान
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सदस्यों ने एक प्रतीकात्मक दान पात्र रखा था, जिसके सहारे वे कथित अनियमितताओं के आरोपों की तरफ सबका ध्यान खींचना चाहते थे. सबसे पहले राहुल गांधी ने उस दान पेटी में सांकेतिक रूप से पैसे डाले. इसके तुरंत बाद साधु का रूप धारण किए पप्पू यादव उस दान पात्र को लेकर भागने लगे. इस पर वहां मौजूद अन्य सांसदों ने उन्हें पकड़ने का अभिनय करते हुए “चोर-चोर” की नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया.
गृह मंत्री से जवाब की मांग, गूंजे तीखे नारे
विपक्षी नेताओं का कहना था कि इस नाटकीय प्रदर्शन का उद्देश्य राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवाद और जनहित के अन्य अहम मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करना है. प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. परिसर में “अमित शाह सदन में आओ, जवाब दो”, “चढ़ावा चोरी बंद करो” और “पेपर लीक नहीं चलेगा” जैसे नारे लगातार गूंजते रहे.
लोकसभा अध्यक्ष ने जताई कड़ी आपत्ति
संसद परिसर में हुए इस ड्रामे और वेशभूषा पर लोकसभा अध्यक्ष ने गहरी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि देश की शीर्ष पंचायत और संसद परिसर की मर्यादा को कायम रखना सभी सांसदों की प्राथमिक जिम्मेदारी है. अध्यक्ष ने कड़े शब्दों में सांसदों को नसीहत दी कि वे वेश बदलकर संसद परिसर में इस तरह के प्रदर्शन करने से परहेज करें और संसदीय गरिमा व नियमों का पूरी तरह से पालन करें.
हंगामे के कारण स्थगित हुई सदन की कार्यवाही
परिसर में हुए इस घटनाक्रम का असर सदन के अंदर भी देखने को मिला, जहां भारी हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा. वहीं, दूसरी ओर विपक्षी नेताओं ने अपने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने का यह उनका तरीका था और वे आम जनता से जुड़े विषयों पर सरकार से सवाल पूछना जारी रखेंगे. इस पूरे वाकये के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी दिन भर चर्चा का केंद्र बने रहे.