Bokaro Airport News: बोकारो हवाई अड्डे से उड़ान सेवा शुरू होने में देरी को लेकर पूर्व विधायक बिरंची नारायण ने राज्य सरकार और जिम्मेदार एजेंसियों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हवाई अड्डे का बहुत बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है, लेकिन समन्वय की कमी के कारण अब तक उड़ान सेवा शुरू नहीं हो सकी।
संयुक्त जांच में 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है
पूर्व विधायक ने बताया कि मंगलवार को जिला प्रशासन, झारखंड नागरिक उड्डयन विभाग, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) और बीएसएल की टीम ने हवाई अड्डे का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। जब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) का लाइसेंस मिल जाएगा, तब उड़ान सेवा शुरू कर दी जा सकती है।
100 दिन का वादा, 500 दिन बाद भी इंतजार
बिरंची नारायण कहते हैं कि अगर सभी एजेंसियां गंभीरता से काम करतीं, तो हवाई अड्डे की उड़ानें पहले ही शुरू हो चुकी होतीं। उन्होंने बोकारो विधायक श्वेता सिंह के उस वादे की भी बात की, जिसमें 100 दिनों में हवाई अड्डा खोलने की बात कही गई थी। उनका कहना है कि अब इससे 500 दिन से ज्यादा वक्त बीत गया है, लेकिन लोगों को अब भी उड़ान सेवा का इंतजार है।
तकनीकी समस्याओं के समाधान की जरूरत है
पूर्व विधायक के मुताबिक, राज्य सरकार, बीएसएल और एएआई के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि रनवे की विजिबिलिटी से जुड़ी तकनीकी समस्या के लिए लगभग 25 करोड़ रुपए की वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। इसके अलावा हवाई अड्डे पर लगे उपकरणों के रखरखाव में भी लापरवाही हो रही है।
उनका कहना है कि इन तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं का समय पर हल होने के बाद ही बोकारो हवाई अड्डे से नियमित उड़ान सेवा शुरू हो सकेगी।