Jamshedpur News : लोकसभा सत्र के दौरान जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर पूर्वी सिंहभूम और आसपास के क्षेत्रों की महत्वपूर्ण सड़क एवं पुल परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देने का आग्रह किया।
सांसद ने सबसे पहले जमशेदपुर के पारडीह काली मंदिर से पटमदा, काटिन, बंधवान, झिलमिली होते हुए पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा तक नए सड़क मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-18 से जुड़ेगी और टाटा स्टील, जमशेदपुर तथा दुर्गापुर स्टील प्लांट के बीच संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति देगी।
इसके अलावा सांसद ने वर्तमान में चाईबासा से हाता तक विकसित NH-220 को जादूगोड़ा, मुसाबनी और घुड़ाबांदा होते हुए ओडिशा के बंबई चौक तक विस्तारित करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे खनन, औद्योगिक गतिविधियों और अंतरराज्यीय आवागमन को नई गति मिलेगी।
CRIF से सड़क और हाई लेवल पुल निर्माण की मांग, धालभूमगढ़ फ्लाईओवर के स्थायी समाधान पर जोर
सांसद विद्युत वरण महतो ने Central Road and Infrastructure Fund (CRIF) के तहत धालभूमगढ़-नरसिंहगढ़ रेलवे लेवल क्रॉसिंग से मुसाबनी-डुमरिया मुख्य मार्ग होते हुए ओडिशा सीमा तक लगभग 16.825 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण का प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा। करीब 118.65 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना से भैरवपुर, छोड़िया, उबीसा, धरासाई, पम्पूघाट और बलियागोड़ा जैसे ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की बात कही गई।
इसके साथ ही उन्होंने बामडोल घाट मार्ग पर स्वर्णरेखा नदी के ऊपर प्रस्तावित हाई लेवल (H.L.) PSC पुल के निर्माण को भी प्राथमिकता देने का आग्रह किया। लगभग 162.14 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना को झारखंड और ओडिशा के बीच संपर्क मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
सांसद ने धालभूमगढ़ फ्लाईओवर के दोनों ओर लगभग एक किलोमीटर तक सीमेंट कंक्रीट (PQC) सड़क के निर्माण की भी मांग की। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के दौरान फ्लाईओवर के एप्रोच रोड बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिससे स्थानीय लोगों और इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्थायी समाधान के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सीसी सड़क के निर्माण का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे भविष्य में बार-बार मरम्मत की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
सांसद ने केंद्रीय मंत्री से सभी प्रस्तावित परियोजनाओं को जनहित और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।