सेंट्रल कमांड ने की हमलों की पुष्टि
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन हमलों की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों का जवाब है. अमेरिकी जहाजों ने ईरान के कई संवेदनशील इलाकों पर बम गिराए हैं. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि ईरान को कितना नुकसान हुआ है.
ट्रंप के कड़े रुख के बाद अमेरिकी सेना का एक्शन
यह कार्रवाई पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद हुई है, जो उन्होंने जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हुए हमले के बाद दिया था. ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी सैनिकों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका करारा जवाब दिया जाएगा.
बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने से बिगड़े हालात
हाल ही में ईरान ने अमेरिकी ठिकानों की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. अमेरिका ने इसे बड़ा उकसावा माना था. इसके बाद से ही दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर थीं. मिस्र के दमिएटा पोर्ट पर खड़े एक अमेरिकी गैस (LNG) जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ. माल उतारते समय हुए इस धमाके ने समुद्री व्यापार और बंदरगाहों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है.
वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति पर मंडराया संकट
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह लड़ाई और बढ़ती है, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं और सामान की सप्लाई रुक सकती है. मुख्य समुद्री व्यापार रास्तों पर खतरा बढ़ने से कई देशों की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है. फिलहाल हालात बहुत नाजुक हैं और सब देखना चाहते हैं कि आगे क्या होता है.