Dhalbhum Aieport Project : धालभूम एयरपोर्ट के विकास के लिए प्रस्तावित परियोजना की कॉस्ट-बेनिफिट एनालिसिस (Cost Benefit Analysis-CBA) रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। रिपोर्ट में 99.256 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन से होने वाली पर्यावरणीय क्षति और परियोजना से मिलने वाले सामाजिक एवं आर्थिक लाभ का विस्तृत आकलन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना से होने वाले लाभ पर्यावरणीय लागत की तुलना में लगभग 48.67 गुना अधिक हैं।
99.256 हेक्टेयर वन भूमि का होगा उपयोग
रिपोर्ट के अनुसार, एयरपोर्ट विस्तार के लिए कुल 99.256 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन का प्रस्ताव है। यह प्रस्ताव 20 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि से संबंधित होने के कारण कैटेगरी-4 के तहत आता है। रिपोर्ट एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की ओर से तैयार की गई है।
पर्यावरणीय नुकसान का विस्तृत आकलन
कॉस्ट-बेनिफिट रिपोर्ट में वन भूमि के नुकसान, पारिस्थितिकी तंत्र, वन्यजीव आवास पर प्रभाव, प्रतिपूरक वनीकरण और अन्य पहलुओं को शामिल करते हुए 2,956.348 लाख रुपये (करीब 29.56 करोड़ रुपये) की कुल पर्यावरणीय लागत निर्धारित की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक लागत इकोसिस्टम सर्विसेज (NPV) के नुकसान की है, जिसे 1,347.013 लाख रुपये आंका गया है। इसके अलावा आवास विखंडन (हैबिटेट फ्रैगमेंटेशन) की लागत 673.507 लाख रुपये, वन भूमि के स्वामित्व मूल्य 404.103 लाख रुपये, प्रतिपूरक वनीकरण एवं मृदा संरक्षण 397.024 लाख रुपये तथा पशुपालन एवं चारा हानि 134.701 लाख रुपये आंकी गई है।
50 वर्षों में 1,438.95 करोड़ रुपये के लाभ का अनुमान
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि परियोजना से अगले 50 वर्षों में कुल 1,43,895 लाख रुपये (करीब 1,438.95 करोड़ रुपये) का सामाजिक और आर्थिक लाभ मिलेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिवर्ष लगभग 52 हजार यात्रियों के एयरपोर्ट का उपयोग करने का अनुमान है। यात्री यातायात से होने वाला आर्थिक लाभ अकेले 1,30,000 लाख रुपये आंका गया है।
इसके अलावा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को एयरलाइन शुल्क से आय, स्थानीय व्यापार में वृद्धि, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं तक बेहतर पहुंच, क्षेत्रीय आर्थिक विकास और प्रतिपूरक वनीकरण से होने वाले लाभ को भी रिपोर्ट में शामिल किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि परियोजना के निर्माण और संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। निर्माण के दौरान अस्थायी रोजगार, अप्रत्यक्ष रोजगार तथा एयरपोर्ट संचालन के लिए स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने का अनुमान लगाया गया है।
हर 1 रुपये की लागत पर 48.67 रुपये का लाभ
रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना की कुल पर्यावरणीय लागत 2,956.348 लाख रुपये और कुल अनुमानित लाभ 1,43,895 लाख रुपये है। इसी आधार पर कॉस्ट-बेनिफिट रेशियो (Benefit-Cost Ratio) 1:48.67 निकाला गया है। यानी रिपोर्ट का दावा है कि परियोजना में पर्यावरणीय नुकसान पर खर्च होने वाले प्रत्येक 1 रुपये के बदले लगभग 48.67 रुपये का सामाजिक और आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
हालांकि, रिपोर्ट में दिए गए सभी अनुमान निर्धारित मानकों, यात्री संख्या के अनुमान और 50 वर्षों की मूल्यांकन अवधि पर आधारित हैं।