Jharkhand Open Jail: झारखंड में ओपन जेल की प्रणाली को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठा दिया है. झारखंड हाईकोर्ट को बताया गया कि हजारीबाग में ओपन जेल के विस्तार के लिए 32 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित कर ली गई है. इसके लिए आवश्यक प्रस्ताव गृह विभाग को भेज दिया गया है और अब आगे की प्रक्रिया चल रही है.
हाईकोर्ट में सरकार ने शपथ पत्र दाखिल किया
मंगलवार को ओपन जेल व्यवस्था से जुड़े स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई के दौरान सरकार ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया. इसमें बताया गया कि ओपन जेल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अब विभिन्न स्तरों पर काम किया जा रहा है. हजारीबाग की परियोजना भी इसी के हिस्सा है.
महिला बंदियों के लिए अलग ओपन जेल की योजना
सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि महिला बंदियों के लिए अलग ओपन जेल विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित हाई पावर कमेटी में राज्य की ओर से वंदना दादेल को नामित किया गया है.
अंतरिम व्यवस्था के निर्देश
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब तक केंद्रीय स्तर की ओपन जेल पूरी तरह विकसित नहीं हो जाती, तब तक रांची, हजारीबाग, दुमका सहित चार केंद्रीय कारागारों में अंतरिम व्यवस्था रहेगी. अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को गृह विभाग के अधीन एक निगरानी समिति बनाने का आदेश दिया है. इस समिति का काम ओपन जेल की व्यवस्था की समीक्षा करना है. इसका उद्देश्य बंदियों को बेहतर चिकित्सा, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं देना है. साथ ही उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम करना है. इसी आदेश के अनुपालन में हाईकोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया था. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एम. एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने की. सरकार की ओर से अधिवक्ता मयंक विभोर ने पक्ष रखा.