BIG BREAKING: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिलने की खबर सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक, भाकपा (माओवादी) के शीर्ष पॉलिट ब्यूरो सदस्य और 1 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा को गिरिडीह-धनबाद सीमावर्ती इलाके से हिरासत में लिया गया है. उसके साथ मोछू उर्फ शौरभ उर्फ गौरव तथा दो अन्य ग्रामीणों को भी सुरक्षा बलों ने पकड़ा है.
सूत्रों के अनुसार, सभी से फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां गहन पूछताछ कर रही हैं. हालांकि, अब तक झारखंड पुलिस या किसी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी की ओर से मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. ऐसे में इस सूचना की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है.
यदि गिरफ्तारी की पुष्टि होती है तो इसे झारखंड में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जाएगा. मिसिर बेसरा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल रहा है और उसके खिलाफ 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था.
गौरतलब है कि इसी दिन झारखंड पुलिस मुख्यालय में ऑपरेशन नवजीवन-2 के तहत 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि इससे पहले 21 मई को 27 नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की थी. लगातार आत्मसमर्पण और अभियान के बीच अब मिसिर बेसरा की कथित गिरफ्तारी की खबर ने सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं.
आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही गिरफ्तारी और उससे जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी.