Dhanbad ED Raid: धनबाद में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की। प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने जिले के 25 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई में कई कोयला व्यापारी, आउटसोर्सिंग से जुड़े लोगों के स्थान और अन्य संदिग्ध स्थान शामिल थे। फिलहाल जांच जारी है।
सुबह से कई टीमें काम में जुटीं
जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय की कई टीमें मंगलवार तड़के सीआरपीएफ के जवानों के साथ धनबाद पहुंचीं। बताया जा रहा है कि करीब 50 वाहनों के काफिले के साथ अलग-अलग स्थानों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की गई। कई जगहों पर दो से तीन टीमें दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही थीं।
प्रवर्तन निदेशालय की टीमें कहां-कहां पहुंचीं
प्रवर्तन निदेशालय ने धनबाद के प्रसिद्ध कोयला व्यापारी अनिल गोयल के पुराना बाजार डुमरियाटांड़ स्थित घर और कपुरिया स्थित कोयला भट्ठे पर जांच की। इसके अलावा उनके स्टाफ शब्बीर के घर भी टीम पहुंची। बीसीसीएल की आउटसोर्सिंग से जुड़े एलबी सिंह के रिश्तेदार रंजीत सिंह के घर पर भी दस्तावेजों की जांच की गई।
इसी कार्रवाई के तहत झरिया के लोदना हुचुकटांड़ में गणेश यादव, वेड लॉक रिजॉर्ट के मालिक दीपक पोद्दार, झरिया चौथाई कुल्ही में राजेश साव और चासनाला में कांग्रेस नेता इम्तियाज अली के घरों पर भी प्रवर्तन निदेशालय की टीम पहुंची। अधिकारियों ने इन स्थानों पर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की।
अन्य स्थानों पर भी जांच जारी
प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई लोयाबाद चार नंबर निवासी डिप्टी मेयर अरुण चौहान के भाई हरेंद्र चौहान, कतरास तेतुलिया सोनारडीह निवासी रोहित यादव, बैंक मोड़ के विकास नगर में रहने वाले कोयला व्यापारी पप्पू मंडल, राज आंगन निवासी रितेश शर्मा और सरायढेला स्थित एसके शर्मा एंड एसोसिएट्स कार्यालय तक भी पहुंची। सभी स्थानों पर जांच और दस्तावेजों की पड़ताल जारी है।
पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
इससे पहले 25 नवंबर 2025 को प्रवर्तन निदेशालय ने कथित कोयला चोरी से जुड़े मामले में झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई स्थानों पर छापेमारी की थी। मंगलवार की कार्रवाई को उसी जांच की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय की ओर से फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जांच जारी, आगे और खुलासे संभव
मंगलवार देर शाम तक कई स्थानों पर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई जारी रही। जांच एजेंसी दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों की ओर से आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।