Jharkhand Naxal Surrender: राज्य सरकार के ऑपरेशन नवजीवन-2 के तहत, कुल 24 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. इनमें से 16 लोगों ने झारखंड पुलिस के सामने हथियार छोड़े, जबकि 8 लोगों ने छत्तीसगढ़ में हथियार डाले. पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने बताया कि इनमें कई ऐसे लोग शामिल हैं जो काफी समय से एक्टिव रहे हैं. उन्होंने कई बड़े हमलों में भाग लिया है. सुरक्षा बल इसे संगठन के कमजोर होते नेटवर्क का संकेत मान रहे हैं.
हार्डकोर नक्सलियों ने भी छोड़ा संगठन
हार्डकोर नक्सलियों ने भी संगठन छोड़ दिया. आईजी ऑपरेशन नरेंद्र सिंह बताए कि 16 लोगों में एक रीजनल कमेटी के सदस्य, तीन जोनल कमेटी के सदस्य, तीन सब-जोनल कमेटी के सदस्य, छह एरिया कमेटी के सदस्य और तीन दस्ता सदस्य शामिल हैं. इनके पास से 11 आधुनिक हथियार, 38 मैगजीन और 1,562 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं.
बड़े इनामी नक्सली भी शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में कई कुख्यात और इनामी नक्सली भी शामिल हैं. इनमें मिसिर बेसरा के बॉडीगार्ड सनी शर्मा, जो 200 से अधिक मामलों में वांछित है, संतोष महतो उर्फ गांधी और 100 से ज्यादा मामलों में आरोपी चंदन लोहार उर्फ गंगा शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक ये लोग लंबे समय से संगठन के एक्टिव सदस्य रहे हैं. नक्सली घटनाओं में इनका नाम जुड़ा हुआ है. गढ़वा, टोंटो, अड़की और चाईबासा जैसे क्षेत्रों में हुई नक्सली घटनाओं में ये शामिल रहे हैं. अब इनके आत्मसमर्पण से इन क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों पर असर होने की उम्मीद है.
पुनर्वास नीति के तहत मिलेगी नई शुरुआत
राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को आर्थिक सहायता, आवास, बच्चों की शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, इलाज, बैंक ऋण और रोजगार के अवसर मिलेंगे, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें. अब झारखंड में सक्रिय नक्सलियों की संख्या सिंगल डिजिट तक सिमट गई है. सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह बताते हैं कि पहले चरण में 25 नक्सलियों ने हथियार छोड़े थे, जबकि दूसरे चरण में 24 और उग्रवादी आत्मसमर्पण कर गए हैं.
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि ये झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के समन्वित अभियान की बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि सरकार आत्मसमर्पण करने वालों के पुनर्वास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और राज्य को नक्सलवाद से मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा.
इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जैसे एडीजी मनोज कौशिक, एडीजी टी. कंडासामी, आईजी अनूप बिथेरे, आईजी साकेत सिंह, आईजी नरेंद्र सिंह, आईजी अजय लिंडा, आईजी मयूर पटेल, डीआईजी इंद्रजीत माहथा, डीआईजी कार्तिक एस, डीआईजी शैलेन्द्र बरनवाल, डीआईजी नौसाद आलम, डीआईजी वीएस रमेश, डीआईजी संजीव कुमार, डीआईजी मनोज रतन चौथे, डीआईजी संध्या रानी मेहता, चाईबासा एसपी अमित कुमार, रांची एसपी राकेश रंजन, आईपीएस सुमित अग्रवाल, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह, आईपीएस दीपक पांडे और एटीएस एसपी राजकुमार मेहता.