BREAKING: नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक को लेकर देश भर में जारी भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना दो पन्नों का आधिकारिक त्यागपत्र सौंप दिया है. देश के युवाओं और छात्रों के बढ़ते आक्रोश तथा जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच इस इस्तीफे को केंद्र सरकार का एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है


इस्तीफे के पत्र में उन्होंने अपने 40 वर्षों से भी लंबे सार्वजनिक जीवन का उल्लेख किया. उन्होंने लिखा कि वे चार दशकों से अधिक समय से विद्यार्थियों, अध्यापकों और शिक्षण प्रणाली में गुणात्मक सुधार के लिए कार्य करते रहे हैं. उनका मानना है कि एक सुदृढ़, समावेशी और दूरदर्शी शैक्षणिक ढांचा ही किसी राष्ट्र के उत्थान का आधार होता है. अतः छात्रों के विश्वास की रक्षा करने के उद्देश्य से ही उन्होंने यह पद छोड़ने का फैसला लिया है.
तत्काल कड़े कदम उठाने और सीबीआई जांच का उल्लेख
उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि 3 मई 2026 को संपन्न हुई NEET-UG परीक्षा में धांधली की सूचना मिलते ही शासन ने बिना विलंब के कठोर कदम उठाए थे. पूरे प्रकरण की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच का दायित्व सीबीआई (CBI) को सौंपा गया, जबकि विवादित परीक्षा को निरस्त करके दोबारा परीक्षा आयोजित कराने का निर्णय लिया गया.
अगले वर्ष से पूरी तरह ऑनलाइन (CBT) माध्यम से होगी NEET परीक्षा
परीक्षा संचालन में संपूर्ण पारदर्शिता स्थापित करने और भावी गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने हेतु तंत्र में बड़े बदलाव की घोषणा की गई है. उन्होंने जानकारी दी कि आगामी वर्ष से NEET परीक्षा पूर्ण रूप से कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराई जाएगी. सरकार का ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि किसी योग्य छात्र के भविष्य पर संकट न आए और पूरी चयन प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे.