Commonwealth Games 2026: राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत ने अपने पदक अभियान का आगाज शानदार अंदाज में किया है. स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित प्रतियोगिता में भारतीय पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुषों की हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश का पहला मेडल अपने नाम किया. प्रतियोगिता के शुरुआती चरण में मिली इस सफलता ने भारतीय दल का आत्मविश्वास बढ़ाया है और आगे होने वाली स्पर्धाओं के लिए उम्मीदें भी मजबूत कर दी हैं.
दमदार प्रदर्शन से भारत को मिला पहला मेडल
झंडू कुमार ने मुकाबले की शुरुआत 181 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाकर की. दूसरे प्रयास में उन्होंने 190 किलोग्राम वजन उठाया और खुद को पदक की दौड़ में मजबूती से बनाए रखा. हालांकि तीसरे प्रयास में 196 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश सफल नहीं हो सकी.
72.4 किलोग्राम शरीर भार वाले झंडू कुमार को उनके सर्वश्रेष्ठ सफल प्रयास के आधार पर 130.9 अंक मिले. ग्रुप-बी में वह पहले स्थान पर रहे. दोनों ग्रुपों के संयुक्त परिणाम तैयार होने के बाद भारतीय खिलाड़ी तीसरे स्थान पर रहे और कांस्य पदक जीतने में सफल हुए.
रजत पदक से सिर्फ 0.1 अंक दूर रह गए
झंडू कुमार का प्रदर्शन इतना प्रभावशाली रहा कि वह रजत पदक से महज 0.1 अंक से पीछे रह गए. नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने 132.8 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता. इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने 131.0 अंक हासिल कर रजत पदक अपने नाम किया. वहीं झंडू कुमार ने 130.9 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक जीता.
भारतीय खिलाड़ी ने मलेशिया के निकोडेमस मंगोई मोसेस को भी पीछे छोड़ा. मलेशियाई खिलाड़ी को 120.3 अंक मिले. करीबी मुकाबले में झंडू कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को प्रतियोगिता का पहला पदक दिलाया.
सुधीर पदक नहीं जीत सके, अब अन्य स्पर्धाओं पर उम्मीद
भारत के एक अन्य पैरा पावरलिफ्टर सुधीर ने भी चुनौती पेश की. उन्होंने 182 और 183 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया. हालांकि तीसरे प्रयास में 211 किलोग्राम वजन उठाने में वह सफल नहीं हो सके. कुल 114.1 अंक के साथ उनका अभियान पदक से दूर समाप्त हुआ.
झंडू कुमार के कांस्य पदक के साथ भारत ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शानदार शुरुआत की है. अब भारतीय दल की नजर एथलेटिक्स, कुश्ती, मुक्केबाजी, बैडमिंटन, निशानेबाजी और अन्य स्पर्धाओं पर होगी. शुरुआती सफलता से भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है और आने वाले दिनों में देश को पदकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद रहेगी.