Patmada Administrative Inspection: पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राजीव रंजन ने गुरुवार को पटमदा प्रखंड और अंचल कार्यालय का निरीक्षण कर प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने सरकारी सेवाओं को तय समय सीमा के भीतर आम लोगों तक पहुंचाने, लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने और विकास योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान और अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी भी मौजूद रहे.
प्रशासनिक व्यवस्था और जनसेवा पर जोर
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्रखंड और अंचल कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया और अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान किया जाए. साथ ही कार्यालय परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के व्यवस्थित रखरखाव और जनहित से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए और विकास कार्यों की नियमित फील्ड मॉनिटरिंग भी की जाए.
केजीबीवी में छात्राओं से की बातचीत
पटमदा दौरे के दौरान उपायुक्त ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का भी निरीक्षण किया. उन्होंने छात्राओं से पढ़ाई, भोजन, पुस्तकें, खेलकूद और अन्य सुविधाओं के बारे में बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली. विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित और प्रेरक वातावरण उपलब्ध कराया जाए. इसके अलावा खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और व्यक्तित्व विकास से जुड़े कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित करने पर भी जोर दिया गया.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं की समीक्षा
उपायुक्त ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पटमदा का भी निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने ओपीडी, प्रसव कक्ष, वार्ड और दवा वितरण केंद्र सहित विभिन्न इकाइयों का जायजा लिया. उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाने और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. साथ ही आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों की कार्यशील स्थिति, अस्पताल की साफ-सफाई और मरीजों को समय पर इलाज सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया. निरीक्षण के दौरान अंचल अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, विद्यालय प्रबंधन से जुड़े अधिकारी, कर्मी और अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे.