Mumbai Power Demand: मुंबई में तेजी से बढ़ रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, नई मेट्रो लाइनें, डेटा सेंटर और बड़े पैमाने पर हो रहे पुनर्विकास का असर अब बिजली की खपत पर भी साफ दिखाई देने लगा है. जून महीने में शहर की अधिकतम बिजली मांग 4,642 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार जारी रही तो आने वाले वर्षों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को भी बड़े स्तर पर मजबूत करना होगा.
2031 तक करीब 40 प्रतिशत बढ़ सकती है बिजली की जरूरत
टाटा पावर के अध्ययन के अनुसार, मौजूदा विकास परियोजनाओं को देखते हुए वर्ष 2031 तक मुंबई की बिजली जरूरत बढ़कर लगभग 6,500 मेगावाट तक पहुंच सकती है. यह मौजूदा मांग की तुलना में करीब 40 प्रतिशत अधिक होगी. ऐसे में ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क का विस्तार समय रहते करना जरूरी माना जा रहा है.
मुंबई और उपनगरों में करीब 50 लाख उपभोक्ताओं को बेस्ट, टाटा पावर और अदाणी इलेक्ट्रिसिटी के जरिए बिजली आपूर्ति की जाती है. बढ़ती आबादी और तेजी से विकसित हो रहे शहरी ढांचे के कारण भविष्य में बिजली की खपत लगातार बढ़ने की संभावना जताई गई है.
ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को मिलेगा विस्तार
अध्ययन में कहा गया है कि बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए राज्य के अन्य हिस्सों से मुंबई तक बिजली पहुंचाने वाली उच्चदाब ट्रांसमिशन लाइनों की क्षमता बढ़ानी होगी. इसके साथ ही नई बिजली लाइनें बिछाने और मौजूदा वितरण नेटवर्क को अधिक मजबूत बनाने की जरूरत भी बताई गई है.
विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो नेटवर्क के विस्तार, नए डेटा सेंटर और ऊंची आवासीय इमारतों की संख्या बढ़ने से आने वाले वर्षों में बिजली पर दबाव और बढ़ेगा.
टाटा पावर ने भी शुरू की तैयारी
मुंबई क्षेत्र में टाटा पावर के करीब आठ लाख उपभोक्ता हैं. कंपनी के नेटवर्क पर फिलहाल करीब 800 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज की जाती है. अनुमान है कि वर्ष 2031 तक यह मांग बढ़कर लगभग 2,000 मेगावाट तक पहुंच सकती है.
इसी संभावना को देखते हुए कंपनी उच्चदाब बिजली लाइनों की क्षमता बढ़ाने और रिंग नेटवर्क विकसित करने की योजना पर काम कर रही है, ताकि भविष्य में बढ़ती मांग के बीच भी बिजली आपूर्ति सुचारु बनी रहे.