Madhu Koda ED Case: झारखंड हाईकोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता मधु कोड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दायर आरोपों को चुनौती दी है. उन्होंने क्रिमिनल मिसलेनियस पिटीशन दाखिल कर निचली अदालत में चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की है.
ED को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश
मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ED को तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को निर्धारित की गई है.
खनन आवंटन और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
यह मामला मधु कोड़ा के मुख्यमंत्री कार्यकाल (2006-2008) से जुड़ा है. जांच एजेंसियों ED और आयकर विभाग का आरोप है कि उस दौरान लौह अयस्क और कोयला खदानों के कथित अवैध आवंटन तथा हवाला नेटवर्क के जरिए करीब 3,500 से 4,000 करोड़ रुपये के धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) का मामला सामने आया था.
कई सहयोगियों को भी बनाया गया आरोपी
ED की चार्जशीट में मधु कोड़ा के अलावा उनके करीबी विनोद सिन्हा, संजय चौधरी और मनोज पुनमिया समेत कई अन्य लोगों और कंपनियों को भी आरोपी बनाया गया है. जांच एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़ी देश और विदेश में स्थित सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी और स्थायी रूप से कुर्क किया जा चुका है.
2013 में मिली थी जमानत
मधु कोड़ा को इस मामले में वर्ष 2013 में जमानत मिल चुकी थी. अब उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ED की कार्रवाई और निचली अदालत में चल रही ट्रायल प्रक्रिया को चुनौती दी है. मामले में अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी, जहां ED अपना पक्ष अदालत के सामने रखेगी.