Jharkhand News: 14वीं JPSC पीटी परीक्षा को लेकर जारी विवाद अब लोकभवन तक पहुंच गया है. झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम महतो ने मंगलवार को राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि पीटी परीक्षा के परिणाम में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं और निष्पक्ष जांच पूरी होने तक मुख्य परीक्षा आयोजित नहीं की जानी चाहिए.
"ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को कैसे मिला परीक्षा का जिम्मा?"
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान जयराम महतो ने परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि जिस निजी कंपनी का नाम पहले दूसरे राज्य में विवादों से जुड़ चुका है और जिसे ब्लैकलिस्ट किए जाने की बात सामने आई है, उसी एजेंसी को झारखंड की महत्वपूर्ण परीक्षा की जिम्मेदारी देना कई सवाल पैदा करता है.
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा परिणाम आधी रात में जारी किए जाने से अभ्यर्थियों के बीच संदेह और असमंजस की स्थिति बनी. परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई अन्य बिंदुओं को भी उन्होंने राज्यपाल के समक्ष रखा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की. विधायक के अनुसार, राज्यपाल ने मामले को गंभीरता से देखने का आश्वासन दिया है.
मुख्यमंत्री से भी की मुलाकात
जयराम महतो ने बताया कि इस मुद्दे पर वह मुख्यमंत्री को भी अपनी आपत्तियों से अवगत करा चुके हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मामले पर विचार करने का भरोसा दिया गया है. हालांकि यदि छात्रों के हित में जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो अगले दो दिनों के भीतर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी छात्रों के अधिकारों की लड़ाई किसी एक दल की नहीं, बल्कि पूरे राज्य के युवाओं की लड़ाई है. इसी वजह से JPSC मुद्दे पर चल रहे हर लोकतांत्रिक आंदोलन को JLKM समर्थन देने के लिए तैयार है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के आंदोलन को भी नैतिक समर्थन देने की बात कही.