Hazaribagh News: हजारीबाग ट्रेजरी से कथित अवैध वेतन निकासी मामले में आरोपी सौरभ कुमार सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है. सीआईडी के विशेष न्यायाधीश कुलदीप की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया. अब इस मामले में बुधवार को फैसला सुनाया जाएगा.
पूछताछ के बाद छह लोगों को किया गया था गिरफ्तार
इस मामले की जांच कर रही सीआईडी ने 48 घंटे तक पूछताछ करने के बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इनमें शंभू कुमार, उसकी पत्नी काजल कुमारी, आरक्षी रजनीश कुमार सिंह उर्फ पंकज सिंह, उसकी पत्नी खुशबू कुमारी, सौरभ कुमार सिंह और आरक्षी धीरेंद्र सिंह शामिल हैं. जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने सभी आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया है.
12 वर्षों तक फर्जी आईडी के जरिए निकाली गई सरकारी राशि
सीआईडी की जांच के अनुसार, वर्ष 2014 से 2026 के बीच पुलिसकर्मियों के वेतन भुगतान के नाम पर फर्जी टेंपररी आईडी तैयार कर सरकारी राशि की अवैध निकासी की जाती रही. आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए करीब 24 अलग-अलग बैंक खातों में लगभग 29 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए.
29 करोड़ के लेनदेन की जांच जारी
जांच एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि जिन खातों में रकम भेजी गई, उनके वास्तविक खाताधारकों की इसमें क्या भूमिका थी और उन्हें लेनदेन की जानकारी थी या नहीं. अब तक सीआईडी 1.60 करोड़ रुपये फ्रीज करा चुकी है. वहीं, हजारीबाग ट्रेजरी से अवैध वेतन निकासी का मूल मामला करीब 15 करोड़ रुपये की गड़बड़ी से जुड़ा बताया जा रहा है. एजेंसी पूरे वित्तीय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.